सोना चोरी नहीं,फर्जी लोन के माध्यम हुआ फर्जीवाड़ा  

 

भोपाल के मणप्पुरम गोल्ड लोन मामले में सहायक प्रबंधक को मिली हाईकोर्ट से जमानत

 

जबलपुर। भोपाल स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में लगभग साढ़े चार करोड़ का फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सहायक प्रबंधक को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट की एकलपीठ ने आरोपी को जमानत का लाभ प्रदान किया है।

रायसेन निवासी अजय पाल सिंह की तरफ से दायर की गयी जमानत याचिका में कहा गया था कि वह भोपाल स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी के इंद्रपुरी कार्यालय में सहायक प्रबंधक के पद पर पदस्थ था। तत्कालीन प्रबंधक व प्रकरण में आरोपी संजय सैनी व अन्य ने फर्जी तरीके से गोल्ड लोन खाते खोले और राशि का उपयोग स्वयं के लिए किया। उसका गोल्ड लोन जारी करने तथा सोना की निगरानी में कोई भूमिका नहीं थी।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने एकलपीठ ने बताया कि क्राइम ब्रांच भोपाल में ब्रांच से सोने चोरी करने के रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन बैंक मैनेजर संजय सैनी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर स्वर्ण लोन का नाम पर फर्जीवाड़ा किया था। सोना रखे बिना ही लोगों के नाम पर स्वर्ण लोन जारी कर दिया गया। इसके बाद उक्त रकम ऑनलाइन जुए में हार गया। सिर्फ बीमा राशि प्राप्त करने के लिए सोना चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

आवेदक की गोल्ड लोन जारी करने तथा गोल्ड की निगरानी में कोई भूमिका नहीं थी। इसके अलावा आवेदक 3 मार्च 2024 से न्यायिक अभिरक्षा में और प्रकरण में न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत हो गया है। सरकारी अधिवक्ता की तरफ से जमानत याचिका का विरोध किया गया। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद आवेदक को जमानत का लाभ प्रदान की दिया।

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