नयी दिल्ली (वार्ता) सरकार ने नेपाल के समक्ष भारत से वहां दूध और दुग्ध उत्पादकों के निर्यात में रूकावटों का मुद्दा उठाया है। भारत में नेपाल के अनुरोध पर उसे गेहूं की आपूर्ति के बारे में निर्णय की भी आधिकारिक रूप से जानकारी दे दी है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की रविवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार नेपाल में दुग्ध उत्पादन के निर्यात में आ रही दिक्कत का मुद्दा भारत और नेपाल की एक संयुक्त अधिकारी समिति की काठमांडू में हुई बैठक में उठाया गया।
मंत्रालय के अनुसार नेपाल ने इस बात पर सहमति जताई है कि वह भारत से ऐसे दुग्ध उत्पादन के आयात पर सकारात्मक रूप से विचार करेगा जिनका नेपाल में पर्याप्त रूप से उत्पादन नहीं हो रहा है। ऐसे उत्पादों में मट्ठा और चीज जैसे दुग्ध उत्पादन शामिल हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार भारत नेपाल अंतर सरकारी समिति की बैठक 10 और 11 जनवरी को काठमांडू में संपन्न हुई। इस बैठक में व्यापार और व्यापार मार्ग के क्षेत्र में सहयोग और दोनों देशों के बीच अनधिकृत व्यापार के खिलाफ कार्यवाही जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
इस बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने और नेपाल के आधिकारिक दल का नेतृत्व वहां के उद्योग,वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के सचिव गोविंद बहादुर करकी ने किया।
विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में भारत की ओर से बताया गया कि सरकार ने नेपाल को दो लाख टन गेहूं भेजने के उसके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। नेपाल के पक्ष ने अपने देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने में भारत के सहयोग की प्रशंसा की ।
बैठक में भारत की ओर से यह भी बताया गया कि नेपाल के अनुरोध पर भारत के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुसार नेपाल में काकरभिट्टा और बांग्लादेश में बांग्लाबंधा के बीच भारत में फुलबाडी के रास्ते में व्यापारिक वस्तुओं की आवाजाही के लिए नेपाल के दो एक्सेल वाले 18.5 टन भार क्षमता के और तीन एक्सेल वाले 28 टन वहां क्षमता के ट्रैकों के आवागमन को अनुमति होगी।
भारत में यह भी बताया कि साल के बीजों और चायोट (चाउ-चाउ फल) को भारत के पादप क्वॉरेंटाइन आदेश में शामिल कर लिया गया है।
नेपाल के अनुरोध पर भारत ने जटमासी, सुगंधकोकिला तथा तिमूर बेरी के सत को संस्कृत पादप उत्पादक की श्रेणी में रखने का निर्णय किया है।
नेपाल भारत से निर्यात किए जाने वाले पॉलीहाइड- 28 जैसे कुछ उत्पादों को तकनीक की दृष्टि से पुनर वर्गीकृत किया जाने के भारत के अनुरोध पर विचार करने को तैयार हो गया है।
बैठक में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच व्यापार में आसानी के लिए नया समन्वित चेक पोस्ट बनाए जाने और रेलवे संपर्क के क्षेत्र में द्विपक्षीय पहलों का स्वागत किया गया।
इससे पहले दोनों देशों के इस आधिकारिक स्तर की समिति की एक उप समिति की बैठक पिछले साल जनवरी में काठमांडू में हुई थी।
बीते सप्ताह हुई आधिकारिक बैठक के दौरान 11 जनवरी को अलग से भारत नेपाल संयुक्त व्यापार फोरम की बैठक का भी आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत के उद्योग मंडल सीआईआई और नेपाल के वाणिज्य उद्योग महासंघ (एफएनसीसीआई) ने किया।
