विधि छात्रों को मॉक ट्रायल सीन ऑफ क्राइम समझाया

ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय में शनिवार को मॉक ट्रायल सीन ऑफ क्राइम का आयोजन किया गया ताकि छात्र घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य कैसे कलेक्ट कर सकते हैं और कौन-कौन से साक्ष्य फिजिकल एविडेंस में आएंगे, सीख सकें। कार्यशाला में सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर द्वारा बताया गया कि जब भी पुलिस को किसी घटना के घटित होने की जानकारी मिलती है तो सबसे पहले कॉन्सटेबल स्तर का पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर क्राइम सीन को कवर करता है। डू नॉट क्रॉस क्राइम सीन के टेप से ताकि कोई एडिशनल चीज घटना स्थल पर न पहुंचे, साथ में एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर होगा, जो घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी की जाएगी क्योंकि परिस्थितियों में परिवर्तन होने के कारण घटना स्थल सदैव एक जैसा नहीं रहता किंतु फोटो 20 वर्ष बाद भी घटनास्थल का सही कृतांत दिखाएगा। उसके बाद एक्सपर्ट घटना स्थल से फिजिकल एविडेंस केयरफुल कलेक्ट करेंगे। जिनमें फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट भी शामिल है। कलेक्ट किए हुए एविडेंस को प्रॉपर्ली प्रिजर्व किया जाएगा ताकि उसमें बाहरी तत्वों की मिलावट न हो सके। चैन का कस्टडी ब्रेक नहीं होना चाहिए। तभी लैब में प्रॉपर टेस्ट करने पर एक्यूटेड और ऑथेंटिक निष्कर्ष निकलकर आएंगे। जिन्हें कोर्ट साक्ष्य में ग्रहण करेगा और यदि रिजल्ट एक्यूटेड है तो फोरेंसिक एक्सपर्ट की साक्ष्य के आधार पर भी कई मामलों में दोष सिद्धि की गई। न्यायालय द्वारा, कार्यशाला में नई घटना स्थलों का क्राइम सीन एक्सपर्ट के द्वारा एक्सप्लेन किए गए, एक्सपर्ट द्वारा बताया गया कि जब दो चीज एक दूसरे के संपर्क में आती है तो वह लोकार्ड सिद्धांत के अनुसार एक दूसरे पर अपना प्रभाव छोड़ती है। एक्सपर्ट ने बताया कि घटनास्थल बोलता है, बताता है कि उसे घटनास्थल पर क्या हुआ, बस उसे सुनने वाले कान और देखने वाली आंखें एक्सपर्ट के पास होनी चाहिए । जिंदा झूठ बोल सकता है किंतु मुर्दा झूठ नहीं बोलता । इस अवसर पर एक्सपर्ट ने अनोखी लाल की केस स्टडी भी कराई। एक्सपर्ट ने बताया कि क्राइम सीन पर साक्ष्य कलेक्ट करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे ग्लव्स पहने हो, पैकिंग, लिफ्टिंग प्रिजर्वेशन ,चैन ऑफ कस्टडी जैसे सीजर मेमो, 02 विटनेस फोटोग्राफी वीडियोग्राफी सब प्रॉपर होना चाहिए। कार्यक्रम की संयोजक सहायक प्राध्यापक ओजस्वी गुप्ता एवं अन्य फैकल्टी के साथ-साथ प्राचार्य और छात्र प्रतिनिधि ऋषिकांत एवं छात्रा प्रतिनिधि सुजाता उपस्थित थी।

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