एसडीए कंपाउंड के कारखानों की होगी जांच, ज्वलनशील सामग्री रखने वालों पर होगी कार्रवाई

रहवासी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट किए जाएंगे खतरनाक उद्योग

इंदौर: देवास नाका के पास एसडीए कंपाउंड में कल भीषण आग लगने से पांच से अधिक कारखानों का माल जलकर खाक हो गया। जिस कारखाने में आग लगी, वह पूरी तरह से कवर था और अंदर तेल व केमिकल का बड़ा स्टॉक मौजूद था। आग के फैलने की वजह कारखाने के बाहर खाली हो रहा केमिकल का टैंकर बताया जा रहा है। टैंकर में विस्फोट के बाद आग ने अंदर रखी तेल और केमिकल की कोठियों और बाल्टियों को चपेट में ले लिया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

निगम और पुलिस करेंगी जांच
इस घटना से सबक लेते हुए नगर निगम और पुलिस की टीम ने एसडीए कंपाउंड के कारखानों की जांच का निर्णय लिया है। जांच के दौरान उन कारखानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां ज्वलनशील सामग्री का भंडारण हो रहा है। ऐसे कारखानों की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। यदि कोई कारखाना नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रहवासी क्षेत्र में चल रहे उद्योग बन रहे खतरा
शहर के कई रहवासी इलाकों जैसे पालदा, खजराना, उद्योग नगर और एसडीए कंपाउंड में प्लास्टिक, केमिकल, जूट और बारदान के कारखाने व गोदाम चल रहे हैं। इन जगहों पर आग लगने से जनहानि और बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है। कुछ दिन पहले कनाड़िया में एक डिस्पोजल गोदाम में आग लगने से करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। यह गोदाम संकरी गलियों के बीच स्थित था, जिससे दमकल विभाग को राहत कार्य में मुश्किलें आईं।

सुरक्षा मानकों की हो रही अनदेखी
लसूड़िया थाना क्षेत्र में जिस कारखाने में आग लगी, उसके पास परफ्यूम, आइल पेंट और अगरबत्ती बनाने वाले कारखाने और गोदाम थे। इन जगहों पर श्रमिकों की आवाजाही और कच्चे माल की लगातार आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सुरक्षा संसाधन पूरी तरह से नदारद थे। शहर में हालिया घटनाओं से यह साफ हो गया है कि निगम द्वारा लाइसेंस जारी करने के बाद सुरक्षा संसाधनों की जांच नहीं की जा रही है।

कार्रवाई के निर्देश
नगर निगम ने इस घटना के बाद कारखानों और गोदामों की जांच के आदेश दिए हैं। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ज्वलनशील सामग्री रखने वाले उद्योगों को रहवासी क्षेत्रों से बाहर शिफ्ट करने का निर्देश भी दिया जाएगा।

सख्त कदम की जरूरत
शहरवासियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और निगम व प्रशासन समय-समय पर निगरानी रखें। जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे खतरनाक कारखानों को तत्काल हटाया जाए।

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