तिरूपति (वार्ता) आंध्रप्रदेश के तिरुमाला में ‘वैकुंठ द्वार दर्शनम’ के लिए टोकन जारी करने वाले केन्द्र पर बुधवार को मची भगदड़ में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई।
भगदड़ तब मची जब शुक्रवार को शुभ एकादशी के दिन पहाड़ी मंदिर तिरुमाला में ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ का टिकट पाने के लिए इंतजार कर रहे हजारों लोगों के लिए द्वार खोला गया था।
सूत्रों ने बताया कि रुइया अस्पताल में चौदह लोगों को भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि भगदड़ बैरागीपट्टेडा इलाके में हुई जहां वैकुंठ द्वार दर्शन टोकन देने के लिए द्वार खोले जाने के बाद हजारों लोग एक साथ उमड़ पड़े।
कुछ श्रद्धालुओं ने मीडिया को बताया कि पुलिस और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत व्यवस्था करने में विफल रहे इसलिए लगभग 20 मिनट तक भगदड़ मची रही।
जिला कलेक्टर वेंकटेश्वरुलु और पुलिस अधीक्षक सुब्बा रायडू ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
टोकन जारी करने के लिए श्रीनिवासम, सत्यनारायणपुरम और बैरागीपट्टेडा क्षेत्रों में तीन केंद्र खोले गए। टीटीडी अधिकारियों ने घोषणा की कि 10, 11 और 12 जनवरी को भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कुल 1.20 लाख टोकन जारी किए जाएंगे।
इस बीच अधिकारियों ने मृतकों में से दो की पहचान तमिलनाडु के सेलम की मल्लिका और नरसीपट्टनम शहर के नायडू बाबू के रूप में की है।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चार तीर्थयात्रियों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
श्री नायडू ने यहां एक विज्ञप्ति में कहा कि वह इस भयावह घटना से बेहद दुखी हैं।
उन्होंने अधिकारियों से घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को दिए जा रहे इलाज के बारे में जानकारी ली।
श्री नायडू ने अधिकारियों को घटनास्थल का दौरा करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने के अलावा श्रद्धालुओं को राहत प्रदान करने के लिए हर संभव कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
