बहुचर्चित वाटर शेड़ घोटाले की जांच करने आएगी राज्य स्तरीय टीम

रीवा:जिला पंचायत रीवा के बहुचर्चित वाटर शेड़ घोटाले की जांच करने तीन सदस्यी राज्य स्तरीय टीम जल्द ही पूरे मामले की जांच करने रीवा पहुंचेगी. शिकायतकर्ता को भी तथ्य के साथ तलब किया गया है ताकि पूरे मामले की जांच हो सके. बहुचर्चित इस मामले को लेकर कई बार सामान्य सभा की बैठक में भी उठाया गया, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई.सामाजिक कार्यकर्ता कमल सिंह बघेल ने 5 बिन्दुओ की शिकायत पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री से की थी.

इसके बाद प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास से शिकायत कर जांच कराने की मांग की थी. शिकायत में सामाजिक कार्यकर्ता ने संविदाकर्मी जिला परियोजना अधिकारी वाटर शेड़ संजय सिंह पर पद का दुरूपयोग करते हुए अनियमितता किये जाने का आरोप लगाया और बताया कि वाटर शेड़ योजना का प्रभारी रहते हुए फर्जी भुगतान किया गया और नियमो का पालन नही किया गया. इसी के साथ फर्जी सचिव की नियुक्ति कराई गई.

जिसको लेकर सिविल लाइन थाने में प्रकरण भी दर्ज है. आरोप है कि पद का दुरूपयोग कर जांच प्रभावित कराई जा रही है. वाटर शेड़ योजना और फर्जी सचिव नियुक्ति की फाइल दबी हुई है और आईटीआई लगाने के बाद भी जानकारी उपलब्ध नही कराई जाती. शिकायत में श्री सिंह ने ग्राम पंचायत चौखड़ा आदि पंचायतो में बिना अनुमोदन के आंगनवाडी भवन की राशि जारी करने का आरोप लगाया है. शिकायत की जांच के लिये तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें अरूण श्रीवास्तव संयुक्त संचालक पंचायती राज्य भोपाल, प्रेम सिंह नेगी सहायक लेखा अधिकारी राजीव गांधी जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन भोपाल एवं डा0 दुर्गेश मित्तल तकनीकी विशेषज्ञ राजीव गांधी जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन भोपाल शामिल है. 15 दिवस के अंदर जांच कर प्रतिवेदन देना होगा. एक बार फिर वाटर शेड़ की मामले की फाइल खुलेगी.

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