नीतीश कुमार क्या फिर पलटी मारेंगे? असमंजस बरकरार

दिल्ली डायरी

प्रवेश कुमार मिश्र

पिछले कुछ वर्षों में छः बार पाला बदलने व आठ बार मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भाजपाई नेताओं से चल रही कथित नाराजगी के बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है कि क्या नीतीश बाबू व राजद के बीच नया तालमेल होने वाला है, क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पाने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर सातवीं बार पलटी मारेंगे? हालांकि राजद खेमे की ओर से इस प्रकार के किसी राजनीतिक समझौते को लेकर खंडन किया जा रहा है लेकिन जिस तरह से दोनों खेमे के वार्ताकार गुपचुप तरीके से बातचीत कर रहे हैं उसको लेकर कयासबाजी जारी है. कुछ लोग इसे दबाव की राजनीति का हथियार मान रहे हैं ताकि भाजपा रणनीतिकार नीतीश कुमार के दबाव में आकर विधानसभा चुनाव में सीटों के समझौते के दौरान जदयू अपने को भारी बनाकर आगे बढ़ सके.

अम्बेडकर के नाम पर राजनीति गरमाई

राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए बयान को आधार बनाकर भाजपा और संघ पर विपक्षी दलों द्वारा जिस तरह से निशाना साधा जा रहा है उससे साफ है कि विपक्षी रणनीतिकारों के हाथ बड़ा मुद्दा मिल गया है जिसे वे भविष्य की राजनीतिक लड़ाई में इस्तेमाल करने की तैयारी में जुट गए हैं. हालांकि भाजपाई रणनीतिकारों ने भी विपक्षी दलों पर बहुस्तरीय साक्ष्य और तर्क के आधार पर पलटवार आरंभ कर दिया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे के सहारे लड़ाई को दिशा देने में जुटे नेता इस मुद्दे को आक्रामकता के साथ जिंदा रखने के प्रयास में जुटे हैं.

सिंह की सम्मानजनक विदाई को लेकर राजनीति

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की मृत्यु के बाद उनकी अंत्येष्टि संस्कार और दिल्ली के राजघाट इलाके में समाधि स्थल नहीं बनाने को लेकर आरंभ हुई राजनीति अब दलीय व व्यक्तिगत आक्षेप की ओर बढ़ गई है. कांग्रेस पार्टी द्वारा राजग सरकार पर बहुस्तरीय आरोप लगाया गया था उसके बाद भाजपा की ओर से भी पलटवार किया गया है. इस पूरे प्रकरण में समुदाय विशेष की अनदेखी से लेकर परिवार विशेष को लेकर भी बयान दिया गया है. ऐसे में दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में जहां एक तरफ राजग सरकार के रूख को लेकर बहस हो रही है वहीं दूसरी ओर अस्थि विसर्जन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर भी चर्चा है.

उपराज्यपाल के पत्र में छुपा राजनीतिक संदेश

दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर उनकी तारीफ करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जिस तरह से निशाना साधा है उसको लेकर राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त चर्चा हो रही है. कई लोग इसे आम आदमी पार्टी के अंदर की राजनीति को हवा देने का प्रयास बताया है कई लोग ने इसे दूर की राजनीति की झांकी कहा है. हालांकि मुख्यमंत्री आतिशी ने इस पत्र के जवाब में सख्त बयान देते हुए एलजी पर राजनीति करने का आरोप लगाकर विकास परक बात करने की सलाह दी है

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