
बड़वानी, 23 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के बोरलाय में किसी अन्य हिंसक जानवर से संघर्ष के बाद एक मादा तेंदुए की मौत हो गई। आज पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बड़वानी के वन मंडलाधिकारी आशीष बंसोड़ ने बताया कि पशु चिकित्सकों की टीम के पोस्टमार्टम के बाद विभिन्न अधिकारियों की उपस्थिति में करीब 2 वर्षीय मादा तेंदुआ का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि कल दोपहर बड़वानी से 7 किलोमीटर दूर बोरलाय स्थित केले के खेत में तेंदुए के मूवमेंट की सूचना मिलने पर टीम का गठन किया गया था। टीम में वहां पहुंचकर देखा कि तेंदुआ हल्का-फुल्का मूवमेंट कर रहा था और करवट बदलने के साथ-साथ गुर्रा भी रहा था। उसे ट्रैप करने के लिए इंदौर स्थित रालामंडल की टीम को सूचित किया गया। कल रात उसे ट्रैप कर मेडिकल परीक्षण के लिए बड़वानी लाने के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। प्रशिक्षण में पाया गया कि वह करीब 2 वर्ष की मादा तेंदुआ है।
उन्होंने बताया कि आज पोस्टमार्टम में पाया गया कि उसकी गर्दन और पूंछ पर किसी अन्य जानवर (संभवतः तेंदुआ) से संघर्ष के चलते दांत के निशान है। उसके अलावा उसे आंतरिक चोटें भी पाई गई। पोस्टपार्टम से पता चला की उसका पेट, आंत और यूरिनरी ब्लैडर खाली था।
उन्होंने बताया कि संघर्ष के चलते कमजोर पड़ गई मादा तेंदुआ ने बीते कुछ दिनों से खाया पिया नहीं था, इसलिए वह अशक्त हो गई थी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले दो तेंदुए देखे थे। यह भी संभव है कि उसके साथ रहे तेंदुए ने उस पर आक्रमण कर दिया हो और इसी के चलते वह केले के खेत में छिप कर रह रही थी।
