अंतत: जिंदगी की जंग हार गए नायब तहसीलदार, साढ़े 4 साल से चल रहा था इलाज

कई शहरों के बड़े अस्पतालों में उपचार चला, मेडिकल कालेज अस्पताल रीवा में हुई मौत

सीधी : जिले के कुसमी तहसील के प्रभारी तहसीलदार अंतत: लगभग साढ़े 4 वर्ष तक जिदंगी की जंग लडऩे के बाद हार गये। उनका कई शहरों में उपचार चला, चिकित्सकों ने उपचार करने से हाथ खड़ा कर दिया था, जिनकी 1 जनवरी को सुबह मेडिकल कॉलेज रीवा में मौत हो गई।बताया गया कि जिले के अमिलिया थाना अंतर्गत पहाड़ी गांव निवासी लवलेश मिश्रा पिता त्रिपुरारदत्त मिश्रा बतौर प्रभारी तहसीलदार कुसमी में पदस्थ थे। 1 सितम्बर 2020 को कुसमी निवासी देवीदीन जायसवाल ने रात करीब 9 बजे शासकीय आवास के बाहर टहल रहे प्रभारी तहसीलदार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। आरोपी ने कुल्हाड़ी से प्रभारी तहसीलदार पर पीछे से गर्दन पर धारदार हथियार कुल्हाड़ी से वार किया तथा जब वे गिरने लगे तब पुन: एक प्रहार एवं गिरने के बाद पुन: एक प्रहार किया एवं उनको मरा हुआ मानकर आरोपी व साथी वहां से फरार हो गए। पास के ही में जाकर दोनों ने कुल्हाड़ी और चप्पलें धोई। वारदात के दौरान आरोपी के साथी नाबालिग की चप्पल कीचड़ में फंसकर छूट गई थी।

आरोपियों ने हथियार अपनी दुकान के पास ही खाली कमरे में छिपा दिया था और खून से सने कपड़ों को धो दिया था घायल प्रभारी तहसीलदार को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर कर दिया गया। यहां स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर इंदौर में भर्ती कराया गया पर वहां भी खास राहत नहीं मिलने पर मुंबई ले जाया गया। उसके बाद एम्स अस्पताल दिल्ली में भर्ती करवाया गया, जहां दो बार उनकी खोपड़ी बदली गई। इसके बाद चिकित्सकों ने उपचार करने से हाथ खड़ा कर दिया। जहां उन्हें घर देवसर लाया गया। 31 दिसम्बर की रात स्वास्थ्य खराब होने पर मेडिकल कॉलेज रीवा ले जाया गया, जहां वे दम तोड़ दिए।

इस कारण दिया था वारदात को अंजाम
प्रभारी तहसीलदार लवकेश मिश्रा के शासकीय आवास के सामने आरोपी देवीदीन जायसवाल चाय की गुमटी संचालित कर रहा था जहां देर रात्रि तक शराबी उत्पात मचाते थे। जिससे परेशान होकर प्रभारी तहसीलदार ने गुमटी संचालक को हिदायत दी थी कि यदि रात भर यहां हंगामा करवाओगे तो तुम्हारी गुमटी हटवा दूंगा। इसी बात को लेकर आरोपी ने तहसीलदार पर जानलेवा हमला किया था।

अधिकारियों-कर्मचारियों ने व्यक्त की शोक संवेदना
नायब तहसीलदार लवलेश मिश्रा के निधन पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंशुमन राज तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की गई। उल्लेखनीय है कि कुल्हाड़ी के हमले से घायल तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार कुसमी लवलेश मिश्रा का गत दिवस निधन हो गया है। कुसमी में पदस्थापना के दौरान उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। काफी प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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