
नए साल में जिलेवासियों को मिली सौगात, विस्तृत कार्ययोजना बनने की हुई शुरुआत
सुसनेर, 2 जनवरी. नए वर्ष में रेल विभाग सुसनेर, सोयतकलां और आगर जिले के लोगों के लिए खुशखबरी लेकर आया है. उज्जैन से झालावाड़ के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने वाली लो-बजट वाली 2667 करोड़ रुपए की योजना को रेल विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है. पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा विकल्प स्वरूप प्रस्तुत महंगे बजट की दो अन्य योजनाओं से किनारा कर लिया गया है. स्वीकृति के बाद प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्य योजना बनाना शुरू किया है.
गौरतलब है कि लोगों को उज्जैन से झालावाड़ तक का सफर वाया आगर, सुसनेर, सोयतकलां, रायपुर कराने के लिए इसी वर्ष फरवरी में केंद्रीय रेल मंत्री ने विस्तृत कार्य योजना बनाने को 4 करोड़ 75 लाख रुपए की मंजूरी दी थी. इसके पालन में रेलवे ने सर्वे कर प्राथमिक स्तर पर तीन योजना बनाकर महीने भर पहले रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा था. इस योजना का प्रस्तुतीकरण 5 अक्टूबर को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया के समक्ष भी किया था. समझाने को योजना के नाम पिंक, ब्लू और रेड रखा है. पिंक योजना 2836 करोड़ रुपए की, ब्लू योजना 2727 करोड़ रुपए की और रेड योजना 2697 करोड़ रुपए की बनाई थी. राशि कम-ज्यादा होने का कारण पटरी की लंबाई, कर्व और मुख्य पुलों की संख्या स्पष्ट की थी. पिंक योजना 189.100 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की थी, जिसमें 38 कर्व, 64 पुल बनाना प्रस्तावित था. ब्लू योजना 181.80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की थी, जिसमें 37 कर्व और 45 पुल बनाना प्रस्तावित था. स्वीकृत रेड योजना 177.860 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की है, जिसमें 36 कर्व और 34 पुल बनाना प्रस्तावित है. तीनों योजना अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने को ध्यान में रखकर बनाई है. तीनों योजना में उज्जैन से आगर तक मुख्य पुलों की संख्या स्पष्ट की थी.
वर्ष 1975 तक उज्जैन-आगर के बीच चलती थी ट्रेन
सन् 1932 से 1975 तक उज्जैन-आगर के बीच नैरोगेज ट्रेन चलती थी. उस समय चलने वाली ट्रेन का जेडबी टाइप का इंजन (तब की कीमत एक लाख 61276 रुपए) उज्जैन रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ा है. एक दशक पहले झालावाड़ से रामगज मंडी तक रेल लाइन बिछाकर ट्रेन का संचालन शुरू करा चुकी है. मगर झालावाड़ से उज्जैन के बीच रेल अब भी कागजों पर ही है.
ये है स्वीकृत रेल मार्ग…
उज्जैन से जगोटी, पिपलोनकलां, आगर, सुसनेर, सोयतकलां, रायपुर, झालावाड़. बता दें कि रेलवे बोर्ड ने सुरासा, खेड़ावदा, पिपलोनकलां तथा उज्जैनिया, ढाबलाखुर्द गांव को सम्मिलित कर बनाई योजना को निरस्त किया है. अभी ट्रेन द्वारा उज्जैन से झालवाड़ जाने के लिए लोगों को रामगज मंडी स्टेशन उतरना होता है. यहां से झालावाड़ जाने के लिए प्रतिदिन सुबह 8.10 बजे, दोपहर 3.58 बजे और रात 8.45 बजे ट्रेन मिलती है.
लंगे समय से कर रहे थे क्षेत्र के लोग इंतजार…
आपातकाल में उज्जैन से आगर तक की नैरोगेज लाईन को उखाडऩे के बाद से ही क्षेत्र के लोग इस मार्ग पर पुन: रेल लाइन की मांग कर रहे थे. परंतु लोगों को आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला था. तब जाकर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार के नेतृत्व में पूरे जिले के लोगों ने सन 2018-19 में अभियान चलाकर उज्जैन-रामगंजमंडी एवं शामगढ़-हरदा रेलवे लाईन की मांग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 5 हज़ार मांग पत्र भेजे थे. तब जाकर 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर उज्जैन झालावाड़ रेलवे लाईन के सर्वे के लिए पौने पांच करोड़ की स्वीकृति रेल मंत्रालय द्वारा दी गई थी, जिसकी डेड लाईन 31 दिसम्बर तय की गई थी. डेड लाइन से पूर्व रेल मंत्रालय ने योजना तैयार कर 31 दिसंबर को सबसे कम लागत की योजना को स्वीकृति प्रदान की.
