अगले साल मार्च तक फेस वन का कार्य होगा कंपलीट
जबलपुर, नवभारत। शहर के बहुचर्चित सीवर लाइन प्रोजेक्ट ने अब रफ्तार पकड़ ली है। इसमें अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि सीवर लाइन फेस वन का कार्य मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। बस डर इस बात का है कि जिम्मेदारों की कथनी और करनी में कहीं अंतर ना आ जाए। वर्ष 2007 08 के आसपास शुरू हुए सीवर लाइन प्रोजेक्ट में लगभग 1100 किलोमीटर की लाइन बिछाई जानी थी। इसे शहर का दुर्भाग्य कहें कि 17 साल बाद भी यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अधूरा है। यही नहीं इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पहले ही कई बार सीवर लाइन फूट भी जाती है। अभी कुछ समय पहले ही राँझी में सीवर लाइन फूट गई थी। इसके कारण गंदा पानी सड़क पर बहने लगा था।
चालीस प्रतिशत कार्य होगा पूरा
जानकारों की माने तो पिछले कई वर्षों से चले आ रहे सीवर लाइन प्रोजेक्ट का कार्य 2025 मार्च तक लगभग चालीस प्रतिशत पूरा हो जाएगा। जिसको अगर आसान भाषा में समझे तो विभाग द्वारा 400 किलोमीटर की सीवर लाइन लगभग बिछाई जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि शहर में 17 साल पहले सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। अभी तक सीवर लाइन को लोगों के घरों से कनेक्ट नहीं किया जा सका है। शहर के गौरीघाट, बल्देवबाग और रांझी क्षेत्र में तो सीवर लाइन कई जगह से चोक होने की भी समस्या आने लगी है। यही कारण है की बरसात के समय नाली में बहने वाले गंदे पानी को सड़कों पर बहाना पड़ता है।
बढ़ती जा रही लागत
सूत्रों की माने तो सी अभी तक सीवर लाइन बिछाने में लगभग 350 से 400 करोड रुपए खर्च हो चुके हैं। जिसकी कास्ट समय के साथ-साथ बढ़ती जा रही है। वर्ष 2007 08 में जब सीवर लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था, तब लोगों को उम्मीद थी कि आने वाले वर्षों में आम जनों को गंदे पानी से निजात मिल जाएगी लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी सीवर लाइन प्रोजेक्ट अधूरा है। वही अधिकारियों की माने तो कठौंदा, तेवर और ललपुर में एमएलडी प्लांट तैयार कर लिए गए हैं।
इनका कहना है
सीवर लाइन प्रोजेक्ट पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है। मार्च 2025 तक फेस वन का कार्य लगभग पूरा कर लिया जाएगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, नगर निगम