भारत की वायु सीमाओं में अब केवल परिंदे ही नहीं, उड़ेंगे,बल्कि आत्मनिर्भरता के पंखों से सुसज्जित वह राष्ट्रीय स्वप्न भी ऊंचाई पकड़ेगा, जिसे दशकों तक वैश्विक तकनीकी निर्भरता ने रोक रखा था. मंगलवार को जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह घोषणा की कि भारत अब पूरी तरह से स्वदेशी […]
संपादकीय
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नीति आयोग ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा दिए गए प्रमाणित आंकड़ों और विश्लेषणों के आधार पर यह घोषित किया है कि भारत जापान को पछाडक़र विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है. जिस रफ्तार से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है, उसको देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है […]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने मन की बात कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया, जो भारतीय सेना द्वारा किए गया एक अद्वितीय सैन्य अभियान था. इस अभियान में, भारतीय सेना ने मात्र 22 मिनट में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए और उन्हें ध्वस्त कर दिया. […]
राजवाड़ा, यानी इंदौर का ऐतिहासिक हृदय स्थल, न केवल होलकर राजवंश की सत्ता का प्रतीक रहा है, बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक चेतना का मूल केन्द्र भी रहा है. मल्हारराव होलकर के उत्तराधिकारियों द्वारा निर्मित यह सात-मंजि़ला भवन मराठा, मु$गल और फ्रेंच स्थापत्य का अद्भुत संगम है. 1948 में जब यशवंतराव […]
महारानी देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर इंदौर में मंगलवार को आयोजित हुई डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की बैठक ने मप्र के राजनीतिक एवं प्रशासनिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। यह बैठक राजनीति के विद्यार्थियों के लिए न केवल देवी अहिल्याबाई के आदर्शों एवं मूल्यों […]
स्वतंत्रता के बाद से ही भारत जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, उनमें आतंकवाद सर्वोपरि है। इसकी शुरुआत राष्ट्रपिता की हत्या से हुई और फिर बीसवीं सदी खत्म होते होते देश के दो प्रधानमंत्रियों को आतंकवाद ने अपना शिकार बनाया। स्वतंत्र भारत के इन आठ दशकों में न सिर्फ कश्मीर […]
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बड़बोलेपन के लिए जाने जाते हैं। वे कब क्या कह दें, अपने कहे से मुकर जाएं, पलटी मार दें, अंदाज लगाना मुश्किल है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत द्वारा पाक पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने और पाक द्वारा मुकाबला करने की नाकाम कोशिश के बाद […]
चाणक्य नीति में कहा गया है…कार्याकार्यतत्त्वार्थदर्शिनो मंत्रिणा: अर्थात कार्य-अकार्य के तत्वदर्शी ही मंत्री होने चाहिए। चाणक्य का कहना था कि किसी भी राज्य द्वारा करने अथवा न करने योग्य कार्यों के मध्य जो व्यक्ति पूरी तरह से लाभ-हानि का अंदाजा लगा लेता है अथवा जो व्यक्ति अपनी योग्यता से इस […]