शराब ठेकेदार पर चार्ज फ्रेम
जबलपुर। लाइसेंसी दुकान से निर्धारित लिमिट से अधिक शराब बेचने के मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए शराब ठेकेदार के आबकारी एक्ट के तहत चार्ज फ्रेम किये न्यायालय ने ठेकेदार के दो कर्मचारियों के खिलाफ भी धक्का-मुक्की व आबकारी एक्ट के तहत चार्ज फ्रेम करने के आदेश जारी किये हैं।
चंडाल भाटा देसी लाइसेंसी दुकान से अजीत सिंह आनंद नामक व्यक्ति ने लिमिट से अधिक शराब खरीदी थी। दुकान संचालक ने शराब बेचने का बिल भी प्रदान किया था। निर्धारित लिमिट से अधिक शराब बेचने की बात कहने पर शराब दुकान कर्मचारियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ धक्का-मुक्की व छीना-छपटी की थी। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने कर्मचारी संजय तथा धर्मेंद्र के खिलाफ आबकारी तथा अपराधिक एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इसके अलावा दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार राजीव जायसवाल के खिलाफ भी आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
प्रकरण की जांच कर रहे एसआई टेक चंद्र शर्मा की तरफ से न्यायालय में पेश रिपोर्ट में कहा था कि घटना के समय ठेकेदार दुकान में उपस्थित नहीं था। लायसेंस की शर्तों का उल्लंघन किये जाने के संबंध में जिला दंडाधिकारी से शिकायत की जानी थी। जांच रिपोर्ट में शराब ठेकेदार को उन्मुक्त किये जाने का आग्रह किया गया था। आरोपी की तरफ से आरोप निरस्त करने आवेदन दायर किया था।
जेएमएफसी श्रीमती अंकिता शाही ने पुलिस की जांच रिपोर्ट तथा आरोपी ठेकेदार के आवेदन को निरस्त करते हुए आबकारी एक्ट की धारा 44 के तहत चार्ज फ्रेम करने के आदेश जारी किये है। इसके अलावा शराब दुकान के कर्मचारी के खिलाफ आबकारी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत चार्ज फ्रेम करने के आदेश जारी किये हैं।