नृत्य में दिखी शक्तिस्वरूपा, महिषासुर का मर्दन, शक्तिस्वरूपा के दर्शन

लाकारों ने नृत्य और संगीत के जरिए दिया समाज को सकारात्मक संदेश, उद्भव उत्सव के दूसरे दिन क्लासिकल डांस
ग्वालियर: जब-जब धरती पर शुम्भ व निशुम्भ जैसी आसुरी शक्ति का प्रभाव बढ़ता है और समाज को क्षति होती है तब दुर्गारूपी शक्तिस्वरूपा जागृत होती है और इन दुष्टों का संहार करती है। प्रत्येक इंसान में आसुरी और दैवी दोनों ही शक्तियां मौजूद हैं। आवश्यकता है दैवीय शक्ति को जागृत करने की। नृत्य और संगीत के माध्यम से कलाकारों ने जब समाज को इस तरह का संदेश दिया तो पूरा सभागार करतल घ्वनियों से गूंजता रहा।यह सुखद सकारात्मक संदेश देने वाला नजारा देखने को मिला ग्रीनवुड उद्भव उत्सव में। पॉच दिवसीय 17वें अंतरराष्ट्रीय डांस एवं म्यूजिक फेस्टिवल के दूसरे दिन सिंधिया कन्या विद्यालय के ऑडिटोरियम में इसका आयोजन किया गया।

जहां देश के विभिन्न राज्यों र्से आइं टीमों के लिए क्लासिक केटेगरी, क्लासिक ऑपन केटेगरी, सेमी क्लासिक केटेगरी, सेमी क्लासिक ऑपन एवं फॉक केटेगरी और फॉक ऑपन केटेगरी में स्कूल, कॉलेज व संस्थाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें स्टूडेंट्स एवं कलाकारों ने भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जनजातीय जीवन के साथ धार्मिक एवं आध्यात्मिक रूप के दर्शन कराए। एमआईटीएस के स्टूडेंट्स ने जहां दैवी के नौरूप एवं महिषासुरमर्दिनी की रोमांचित कर देने वाली प्रस्तुति दी। तो वहीं श्रीमाता निर्मला देवी नृत्य झंकार औरंगाबाद, ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल और विविधा कला एवं सांस्कृतिक समिति भोपाल की प्रस्तुति भी देखते ही बनीं। इनके अलावा अन्य स्कूल के स्टूडेंट्स ने भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। प्रतिष्ठित नृत्यकार महुआ शंकर, वानी माधव एवं कविता एस पिल्लई ने विजयी प्रतियोगियों का चयन किया। संचालन मनीषा जैन व वंशिका कुमारी ने तथा आभार व्यक्त चंद्रकांत पाण्डेय ने किया।
ये रहे विजेता
सेमी क्लासिक स्कूल: सेठ एमआर जयपुरिया, बिल्ला बॉंग स्कूल, क्वींस कॉलेज, वीरेंद्र स्वरूप, हेरिटेज स्कूल एवं डीपीएस।
सेमी क्लासिक ऑपनः विविधा कला भोपाल व एमआईटीएस।फॉक डांस स्कूल: ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल, द रेडियंट स्कूल, संस्कृति द गुरुकुल, हेरिटेज स्कूल, डेहली कॉलेज।फॉक ऑपन: जीवाजी यूनिवर्सिटी, श्रीमाता निर्मला देवी झंकार एवं गंधर्व अकेडमी।क्लासिक: शिशुकुंज, डीपीएस गुड़गांव, डेली कॉलेज, वीरेंद्र स्वरूप कानपुर।क्लासिक ऑपन: श्रीमाता निर्मला झंकार एवं गंधर्व अकेडमी।
दुनिया में श्रेष्ठ है भारतीय संस्कृति
भारत की संस्कृति व सभ्यता विश्व के सभी देशों की संस्कृति और सभ्यता से प्राचीन व श्रेष्ठ है। भारत अपने इसी आध्यात्मिक संस्कृति के बल पर विश्व गुरु का स्थान हासिल करने की स्थिति में है। उत्सव के मुख्यअतिथि उज्बेकिस्तान के राजदूत दिलशोद अखाटाव ने यह बात कही। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय, सचिव दीपक तोमर, ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर किरण भदौरिया ने उनका स्वागत कर स्मृति चिंह भेंट किए।
इनका हुआ सम्मान
उद्भव उत्सव में विशेष योगदान देने वाले सहयोगियों का मुख्य अतिथि ने सम्मान किया। इनमें प्रदीप विसारिया, गोकुल प्रसाद, विजय साहू, लोकेश चतुर्वेदी, धर्मवीर वर्मा, राजेंद्र श्रीवास्तव, गिर्राज टायपिंग, नासिर खान, नारायण झा एवं नरेंद्र राजपूत प्रमुख हैं।
उद्भव उत्सव में आज
उत्सव के तीसरे दिन 31 अक्टूबर सोमवार को प्रातः 10 बजे से सिंधिया कन्या विद्यालय के सभागार में सोलो डांस प्रतियोगिता के प्रथम चरण का आयोजन किया जाएगा। दोपहर एक बजे से इंस्ट्रूमेंटल का भी प्रथम चरण होगा।

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