यातायात सुधार अभियान कल से
नवभारत न्यूज
इंदौर. शहर में यातायात व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए ट्रैफिक मित्र अभियान की शुरुआत 5 अगस्त से की जा रहे है. इस अभियान में शहर के एक हजार से ज्यादा लोग शनिवार और रविवार को शहर के विभिन्न चौराहों पर यातायात व्यवस्था संभालेंगे. अभियान की शुरुआत बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स से होगी. उक्त यातायात सुधार अभियान की व्यापक योजना बनाई गई है, जिसका नेतृत्व महापौर करेंगे.
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज मीडिया से चर्चा में ट्रैफिक मित्र महाअभियान की जानकारी देते हुए कहा किइस अभियान में एक हजार से ज्यादा लोग भाग लेंगे. यह प्रत्येक शनिवार और रविवार को शाम 5.30 से 8.30 बजे तक शहर के विभिन्न चौराहों पर स्टूडेंट्स, डॉक्टर, वकील और समाजसेवी जनता को यातायात नियमों की जानकारी देंगे. ट्रैफिक मित्र महाअभियान की शुरुआत से पहले यातायात विशेषज्ञों, आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस,नगर निगम और प्रशासन की टीम द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा. अभियान का नेतृत्व सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा. उक्त अभियान के लिए पूरे साल स्कूल और कॉलेजों में 48 सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ एक्सपर्ट्स और महापौर शामिल होंगे. साथ ही विभिन्न संगठनों के साथ साल में 24 बैठक रखी जाएगी और उनके सुझाव लेकर यातायात सुधार के कदम उठाए जाएंगे.
हर तीन महीने में होगा सम्मान
अभियान में हर तीन महीने में जुड़ने वाले ट्रैफिक मित्र और संगठनों का सम्मान भी होगा. शहर के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में ट्रैफिक सुधार पर 10 मिनट का समय अलग से दिया जाएगा और यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलवाई जाएगी. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि ट्रैफिक मित्र महाअभियान की लांचिंग बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स 5 अगस्त को दोपहर 12.30 होगी. इस अवसर पर एंथम सॉन्ग, फोन नंबर, वेबसाइट और साल भर का शेड्यूल बताया जाएगा.
सरकारी दफ्तर में नो हेलमेट नो इंट्री अभियान
हेलमेट को लेकर कहा की सबसे पहले सरकारी दफ्तर में अधिकारी और कर्मचारियों को नो हेलमेट नो इंट्री अभियान लागू करवाया जाएगा. उसके बाद अभियान के अलग अलग चरणों में जनता और वाहन चालकों को समझाईश देकर हैलमेट को लागू करना पड़ेगा. एक दम से लागू नहीं कर सकते है.
अब है यातायात सुधार की बारी…
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मध्यप्रदेश का इंदौर पहला शहर होगा, जिसमें जनभागीदारी से यातायात सुधार अभियान चलाया जाएगा. इंदौर मॉडल है जनभागीदारी से सुधार कार्यों का. एक साल तक चलने वाले इस अभियान से अवेयरनेस और जागरण से 20 प्रतिशत सफलता मिलने के उम्मीद है. ऐसा होता है, तो शहर के यातायात के लिए बड़ा उदाहरण होगा. महापौर ने बताया कि हमने शहर के यातायत लिए टैग लाइन दी है, स्वच्छता से है इंदौर की यारी, अब है यातायात सुधार की बारी.