
जबलपुर । शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार को निरंतर एक के बाद एक उपलब्धियां प्राप्त हो रही हैं। किसी भी कार्यालय का अर्थ केवल भवन नहीं, बल्कि कार्यों का मंदिर होता है। भवन भले ही ईंट, मिट्टी और गारे से निर्मित होता है, लेकिन उसके पीछे की भावना पवित्र होती है। इसका उद्देश्य संबंधित कार्यों को गति देने के साथ सरकार की मंशा और जनहित के बीच समन्वय स्थापित करना है। यह बातें लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा विभाग के नवनिर्मित कार्यालय का विधि-विधान से पूजन के लोकार्पण के अवसर पर कहीं । उन्होंने कहा कि नवनिर्मित कार्यालय से होने वाले कार्य निश्चित रूप से पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बनेंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और प्राध्यापकों की सोच एवं भावनाएं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण से जुड़ी हैं। विद्यार्थी भविष्य में देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंचें, इसी सोच के साथ सभी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यालय में सभी अधिकारी-कर्मचारी पवित्र भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा भवन : रोहाणी
विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि इस भवन का भूमिपूजन उस समय हुआ था, जब राकेश सिंह सांसद थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 4.50 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने के बाद आज इसका लोकार्पण होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। रोहाणी ने कहा कि उनकी विधानसभा में चार विश्वविद्यालयों सहित अनेक महाविद्यालय और केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। जबलपुर शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है और इस भवन के निर्माण से शैक्षणिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी।
