
सिंगरौली । सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर देवसर बाजार से गुजरना अब सुरक्षित सफर के बजाय जोखिम भरा अनुभव बनता जा रहा है।
आज शनिवार को सहुआर चौराहे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बाजार के बीच से भारी वाहनों की आवाजाही कितनी खतरनाक हो सकती है। अचानक टायर फटने के बाद अनियंत्रित हुआ बल्कर कई वाहनों को टक्कर मारता हुआ दुकानों में जा घुसा। दो से तीन दुकानों के शटर टूट गए, कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और अफरा-तफरी के बीच कई लोगों के मामूली घायल होने की खबर है। गनीमत रही कि हादसा बड़ी जनहानि में तब्दील नहीं हुआ। लेकिन सवाल यह है कि आखिर देवसर बाजार को भारी वाहनों के आतंक से कब मुक्ति मिलेगी? जानकारी के अनुसार बल्कर वाहन क्रमांक एमपी 19 जेडएल 6421 सहुआर चौराहे से गुजर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका टायर फट गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और तेज रफ्तार बल्कर रास्ते में खड़े दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों को अपनी चपेट में लेते हुए दुकानों में घुस गया। हादसे में महिंद्रा थार वाहन क्रमांक एमपी 66 जेडएफ 9777 और हुंडई ऑरा वाहन क्रमांक एमपी 66 जेडजी 0655 सहित अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बाजार में कुछ देर तक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
घटनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार एवं थाना प्रभारी
सूचना मिलने पर देवसर तहसीलदार प्रदीप सिंह और जियावन थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस हादसे के कारणों और संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी जुटा रही है। देवसर का यह हादसा महज एक वाहन का टायर फटने की घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह उस व्यवस्था पर भी सवाल है, जिसमें घनी आबादी और व्यस्त बाजार से भारी वाहनों का आवागमन जारी है। अब जरूरत केवल नुकसान का आकलन करने की नहीं, बल्कि बाईपास निर्माण, यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की है।
एनएचएआई के कामकाज पर सवाल
एनएचएआई की जवाबदेही पर सवाल सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के विकास की जिम्मेदारी पहले म.प्र. सड़क विकास निगम को सौंपी गई थी। वहीं शेष निर्माण कार्य में एनएचएआई की भूमिका भी सामने आई है। क्या एमपीआरडीसी और एनएचएआई ने इस संवेदनशील बाजार क्षेत्र का सुरक्षा ऑडिट कराया है? क्या दुर्घटना संभावित स्थानों पर यातायात नियंत्रण, संकेतक और अन्य सुरक्षा उपायों की व्यवस्था की गई है? संबंधित एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारी और कार्ययोजना सार्वजनिक करनी चाहिए।
