सिंगरौली : हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत बघेली भाषा के उन्नयन एवं दशा और दिशा विषय पर एक व्याख्यान और विंध्य क्षेत्र के नामचीन साहित्यकारों द्वारा काव्य पाठ का आयोजन महाविद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ।उक्त कार्यक्रम में अनेक बघेली पुस्तक के लेखक साथ ही बघेली साहित्य के उन्नयन में लगे सीधी से आए डॉ. निवास शुक्ल ने इस विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया, साथ ही सुमधुर कंठ से एक से एक बढ़कर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। सभागार में उपस्थित सैकड़ों विद्यार्थियों एवं विद्वत जनों ने तालियां बजाकर उत्साह वर्धन किया, इससे पूर्व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. आरके झा द्वारा स्वागत भाषण तथा उपस्थित गण मान्य जनों द्वारा माँ सरस्वती के प्रतिमा की पूजा की गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि शंकर प्रसाद शुक्ल की पुस्तक हृदय सिंधु का मोती का विमोचन डॉ. निवास शुक्ल एवं प्राचार्य सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों के उपस्थित में सम्पन्न हुआ। वहीं सीधी से आए कवि रमाकांत द्विवेदी सावन ने अपने सुमधुर कंठ से एक से एक बढ़कर हिंदी एवं बघेली गीत प्रस्तुत किए, जिसे श्रोताओं द्वारा काफी सराहा गया। अंतिम पायदान पर सफल संचालन कर रहे डॉ. प्रदीप दुबे सत्यव्रत ने सम सामयिक संदर्भों पर बघेली एवं हिंदी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में साहित्य और मातृ भाषा के प्रति सम्मान बढ़ता है, इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए। समापन करते हुए मुख्य अतिथि आरके झा ने आमंत्रित कवियों को शॉल एवं श्री फल देकर विदा किया
