नई दिल्ली, इस वर्ष धनतेरस के पावन अवसर पर मुंबई महानगर सहित पूरे देश में खरीदारी का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस साल धनतेरस पर लगभग 10 से 15 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी के साथ देश भर में 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया गया है। अकेले मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में ही लगभग 11,000 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। पिछले एक महीने में सोना और चांदी की कीमतों में आई 5 से 15 प्रतिशत की गिरावट ने ग्राहकों को निवेश करने का सुनहरा मौका दिया, जिससे सर्राफा बाजारों में खासी रौनक रही।
कैट और ज्वैलर्स फेडरेशन के आंकड़े: अकेले सोने-चांदी का कारोबार 66,000 करोड़ पार, हल्के वजन के गहनों और सिक्कों की रही भारी मांग
कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल और ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के मुताबिक, इस बार देश में अकेले सोना और चांदी का कारोबार 66,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है। त्योहारी सीजन महीने की शुरुआत में होने और अधिकांश लोगों को सैलरी व बोनस मिलने से बाजार में जबरदस्त कैश फ्लो देखा गया। उपभोक्ताओं ने पारंपरिक रूप से हल्के वजन के आभूषणों, चांदी के सिक्कों, तांबे और पीतल के बर्तनों के साथ-साथ झाड़ू, माता लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियों की जमकर खरीदारी की, जिससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय कारीगरों को भी बड़ा लाभ मिला।
‘स्वदेशी अपनाओ’ के आह्वान और जीएसटी दरों में कटौती का दिखा असर, आधुनिक गैजेट्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी उछाल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के त्योहारी कारोबार में आई उल्लेखनीय तेजी के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ के आह्वान और घरेलू उत्पादों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति की अहम भूमिका रही है। खरीदारी का यह दौर केवल सोने-चांदी और पारंपरिक वस्तुओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑटोमोबाइल शोरूम, मोबाइल फोन, लैपटॉप, टेलीविजन और अन्य आधुनिक उपभोक्ता उपकरणों की बिक्री में भी भारी उछाल दर्ज किया गया। धनतेरस की इस शानदार शुरुआत ने देश के खुदरा और एमएसएमई सेक्टर को एक मजबूत आर्थिक गति प्रदान की है।

