ग्वालियर। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में पटाखों के चोरी-छिपे अवैध भंडारण की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों वाले इस क्षेत्र में यदि बिना अनुमति विस्फोटक सामग्री का भंडारण हो रहा है तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आसपास के लोगों की जान-माल के लिए भी बड़ा खतरा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित थाना क्षेत्र में गोदामों की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की जांच किस स्तर पर की जा रही है? क्या पुलिस, जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग के बीच प्रभावी समन्वय है? अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जवाबदेही किसकी होगी?
गौरतलब है कि दीपावली से पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अवैध पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ट्रांसपोर्ट नगर में संभावित अवैध भंडारण की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पुलिस और प्रशासन को संयुक्त रूप से गोदामों का निरीक्षण कर लाइसेंस, भंडारण की अनुमति और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच करनी चाहिए। यदि अवैध भंडारण मिलता है तो संबंधित लोगों के साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
सवाल सीधा है—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या समय रहते इस संभावित खतरे पर प्रभावी कार्रवाई करेगा?
