इंदौर: देवी अहिल्या होलकर विमानतल की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में किसी भी तरह की लेजर गतिविधि नहीं होने दी जाएगी. साथ ही विमानतल के आसपास हाईराइज बिल्डिंग के निर्माण की अनुमति भी नहीं दी जाएगी. रनवे के आसपास सुरक्षा में बाधा बन रहे पेड़ों की कटाई भी सुनिश्चित की जाएगी.
संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित विमानतल की पर्यावरण प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए गए. बैठक में एयरपोर्ट के आसपास खुले में कचरा फेंके जाने और उससे विमानों की सुरक्षा को होने वाले खतरे पर भी चिंता जताई गई. संभागायुक्त ने इंदौर-पीथमपुर मार्ग और सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर जाने वाले मार्ग पर खुले में कचरा नहीं फेंके जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे जमा कचरा और गंदगी पक्षियों को आकर्षित करती है. पक्षियों की मौजूदगी विमानों के उड़ान भरने और उतरने के दौरान गंभीर खतरा बन सकती है.
ऐसे में इन मार्गों पर नियमित सफाई कराई जाए और चिन्हित स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. बैठक में एयरपोर्ट के आसपास लेजर गतिविधियों पर रोक को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए. संभागायुक्त ने कहा कि विमानतल के आसपास इस तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं, इसलिए इन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए. इसके अलावा एयरपोर्ट के आसपास ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति नहीं देने और रनवे सहित विमानतल की परिधि में सुरक्षा के लिहाज से जरूरी पेड़ों की कटाई कराने के निर्देश भी दिए गए.
बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के निदेशक विक्रम कुमार शिवराज भाई ठक्कर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, प्राधिकरण के असिस्टेंट डायरेक्टर जीएल वर्मा, एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा, डीएफओ लाल सुधाकर सिंह सहित बीएसएफ, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
