आंध्र प्रदेश : चक्रवात अर्णब और मुरासू से ऊर्जा विभाग को 500 करोड़ से अधिक का नुकसान : मंत्री

ओंगोल, (वार्ता): चक्रवात ‘अरनब’ और ‘मुरासू’ के कारण आंध्र प्रदेश के ऊर्जा विभाग को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसके तहत 7,500 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

शुक्रवार को यहां मीडिया को यह जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार ने बताया कि बिजली लाइनों, कंडक्टरों और वितरण ट्रांसफार्मरों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। प्रकाशम जिले के अद्दंकी और संथानूथलापाडू चुनाव क्षेत्रों में चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और बिजली लाइनों को पहुंचे नुकसान का जायजा लेने के बाद मंत्री ने कहा कि शनिवार शाम तक सभी प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लक्ष्य के साथ युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य चल रहा है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि चक्रवात अर्णब के दौरान हवा की गति लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जबकि चक्रवात मुरासू के कारण 120 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ।

दोनों चक्रवातों से बिजली क्षेत्र को हुआ प्रारंभिक नुकसान 500 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। बिजली क्षेत्र को हुए नुकसान की एक प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है और दो दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

उन्होंने बताया कि गोदावरी जिलों में गुरुवार शाम तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई थी, जबकि अन्य चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में शुक्रवार तक लगभग 70 प्रतिशत बहाली का काम पूरा कर लिया गया है। ओंगोल, चिलाकलुरीपेट, नरसरावपेट और अद्दंकी सहित प्रमुख शहरी केंद्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को घरेलू बिजली कनेक्शनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिसके बाद कृषि और एक्वाकल्चर (मत्स्य पालन) कनेक्शनों पर ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना से 3,000 से अधिक बिजली कर्मियों को मरम्मत कार्यों के लिए तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अतिरिक्त जनशक्ति और उपकरणों को जुटाने के लिए तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समन्वय किया था।

श्री रवि कुमार ने अलवलापाडू में बेल्लारी से आए कर्नाटक के बिजली कर्मियों और निदामानुरु में तमिलनाडु की टीमों से बातचीत की और अधिकारियों को उन्हें उचित भोजन व आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने जे. पंगुलुरु, कोरिसपाडू और नागुुलुप्पलापाडू मंडलों का भी दौरा किया तथा क्षतिग्रस्त आम के बागों, नर्सरियों, घरों, मवेशियों के शेड और बिजली के बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया।

 

 

 

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