सऊदी ने दुश्मनी खत्म करने के लिए हूतियों के 51 अरब डॉलर मांगने की रिपोर्ट को किया खारिज

रियाद, 06 नवंबर (वार्ता) सऊदी अरब ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि यमन के हूतियों ने बातचीत के जरिए दुश्मनी खत्म करने के बदले मुआवजे के रूप में 51 अरब डॉलर और देश की सत्तारूढ़ संस्था के रूप में औपचारिक मान्यता मांगी है।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (डब्ल्यूएसजे) ने चर्चा से परिचित अनाम स्रोतों के हवाले से गुरुवार को रिपोर्ट दी थी कि सउदी अरब ने संघर्ष को समाप्त करने की शर्तों की तलाश के लिए ईरान समर्थित समूह हूती से संपर्क किया था।

इन शर्तों में नए सिरे से सीमा पर शुरू हुई दुश्मनी, लाल सागर में जहाजों पर हमले और मिसाइल खतरे शामिल थे।

लीक हुए संक्षिप्त ब्योरे के अनुसार, हूतियों ने कड़ी मांगों की एक सूची के साथ जवाब दिया। हूतियों ने कथित तौर पर 51 अरब डॉलर के मुआवजे के साथ-साथ यमन के शासी प्राधिकरण के रूप में आधिकारिक मान्यता की मांग की है।

सार्वजनिक कूटनीति के लिए सऊदी अरब के उप मंत्री राजदूत रायद क्रीमली ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए इन दावों को मनगढ़ंत बताया है।उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वे इस मिलिशिया के मांगों के संबंध में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में प्रकाशित दावों का वह पूरी तरह से खंडन करते हैं। यह सब लेखकों या उनके कथित स्रोतों की विशुद्ध मनगढ़ंत कहानी है।

श्री क्रीमली ने हूतियों पर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ जाने, भुखमरी को बढ़ावा देने और देश को ऐसे संघर्षों में घसीटने का आरोप लगाया, जो उसके हितों की रक्षा नहीं करते थे। उन्होंने समूह पर लाल सागर में वाणिज्यिक शिपिंग पर हमला करने, नागरिकों व आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और शांति पहलों को खारिज करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे लेखकों को यह भी याद दिलाते हैं कि यमन में एक मान्यता प्राप्त सरकार है।

डब्ल्यूएसजे की रिपोर्ट और रियाद का खंडन पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष के बीच सऊदी अरब और हूतियों के बीच नए सिरे से शुरू हुई दुश्मनी के दौरान आया है। यह क्षेत्रीय युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले और उसके जवाब में ईरान के पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई के बाद शुरू हुआ।

यमन में दुश्मनी जुलाई में भी तब तेज हो गई थी, जब हूतियों ने यमनी हवाई क्षेत्र पर सऊदी अरब के नियंत्रण की अवहेलना करते हुए एक ईरानी विमान को देश में उतरने की अनुमति दी थी। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने इसके जवाब में सना हवाईअड्डे (जो हूती नियंत्रण में है) पर हमला किया। इससे की झड़पें शुरू हुईं, जिसने यमन के लंबे समय से चले आ रहे गृहयुद्ध में 2022 के युद्धविराम को कमजोर कर दिया।

तभी से, हूतियों ने सऊदी अरब को निशाना बनाते हुए समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है और उसके क्षेत्र तथा लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमले शुरू कर दिए हैं।

 

 

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