नई दिल्ली, मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित 200 देशों के 6.5 करोड़ युवाओं पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के आंकड़ों के अनुसार, चीन और पाकिस्तान के पुरुषों की औसत लंबाई भारतीय पुरुषों की तुलना में अधिक पाई गई है। शोध के मुताबिक, 19 साल के चीनी लड़कों की औसत लंबाई 175.7 सेंटीमीटर है, जबकि पाकिस्तान में यह 167.3 सेंटीमीटर और भारत में 166.5 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। इस प्रकार चीनी युवा भारतीय युवाओं से औसतन 9.2 सेंटीमीटर और पाकिस्तानी युवा लगभग 0.8 सेंटीमीटर लंबे पाए गए हैं।
चीन में आर्थिक विकास और बेहतर पोषण से बढ़ी लंबाई, 1985 से 2019 के बीच औसत कद में दर्ज की गई 8 सेंटीमीटर की वृद्धि
शोधकर्ताओं के अनुसार, चीन में पिछले कुछ दशकों में हुए तेजी से आर्थिक विकास के साथ-साथ खानपान और स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। बच्चों को बचपन से ही प्रोटीनयुक्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलने से उनके शारीरिक विकास में भारी मदद मिली है। लैंसेट की रिपोर्ट दर्शाती है कि 1985 से 2019 के बीच चीन के 19 वर्षीय लड़कों की औसत लंबाई में लगभग 8 सेंटीमीटर का बड़ा उछाल आया है, जो यह साबित करता है कि जीवन स्तर में सुधार का सीधा असर शारीरिक संरचना पर पड़ता है।
भारत और पाकिस्तान में कुपोषण एवं स्टंटिंग अभी भी बड़ी चुनौती, केवल आनुवंशिकता नहीं बल्कि खानपान और स्वास्थ्य भी जिम्मेदार
भारत और पाकिस्तान के बीच महज 0.8 सेंटीमीटर के अंतर पर विशेषज्ञों का कहना है कि इसे केवल बेहतर खानपान का पैमाना नहीं माना जा सकता। यूनिसेफ (UNICEF) के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में 5 साल से कम उम्र के करीब 40 प्रतिशत बच्चे स्टंटिंग (उम्र के हिसाब से कम लंबाई) का शिकार हैं, वहीं भारत में एनएफएचएस-5 के अनुसार 35.5 प्रतिशत बच्चे इससे प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश की आबादी का कद केवल आनुवंशिकता (जींस) पर निर्भर नहीं करता, बल्कि गर्भावस्था में मां का पोषण, बचपन में मिलने वाला भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

