इंदौर. इंदौर धनतेरस बिजली खपत का सबसे बड़ा दिन बनेगी. दीपावली की रात रोशनी पर 3 से 4 करोड़ यूनिट बिजली खर्च होगी. पांच साल में त्योहार के दौरान बिजली मांग में 180 मेगावाट का उछाल आया है. बिजली कंपनी ने 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखी टीम.
इंदौर में दीपोत्सव की जगमगाहट इस बार बिजली की मांग का नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है. घरों की सजावट, बाजारों की रोशनी, प्रतिष्ठानों की चमक और औद्योगिक गतिविधियों के बीच धनतेरस पर शहर की बिजली मांग 580 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है. यह अब तक के दीपोत्सव के आंकड़ों में सबसे बड़ा स्तर होगा. खास बात यह है कि दीपावली की अमावस्या से ज्यादा बिजली की खपत धनतेरस पर होने वाली है. बिजली कंपनी के आकलन के मुताबिक पांच दिन के दीपोत्सव में शहर में करीब 5 करोड़ 10 लाख यूनिट बिजली की खपत हो सकती है.
धनतेरस पर बिजली की सबसे बड़ी परीक्षा
6 नवंबर को धनतेरस के दिन इंदौर की बिजली व्यवस्था पर सबसे ज्यादा दबाव रहने की संभावना है. इस दिन घरों से लेकर बाजारों, दुकानों, उद्योगों, सरकारी कार्यालयों और कृषि क्षेत्र तक बिजली की मांग बनी रहेगी. सामान्य दिनों की तुलना में करीब 10 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली खपत का अनुमान है. यही वजह है कि बिजली कंपनी के लिए धनतेरस सबसे महत्वपूर्ण चुनौती वाला दिन बनने जा रहा है.
दीपावली पर कम हो जाती है बिजली की खपत!
आमतौर पर दीपावली की रात सबसे ज्यादा बिजली खर्च होने की धारणा रहती है, लेकिन बिजली खपत का गणित कुछ अलग कहानी बताता है. अमावस्या के दिन खेती का काम लगभग समाप्त हो जाता है. करीब 98 प्रतिशत कारखाने बंद रहते हैं. शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी और निजी कार्यालयों में भी अवकाश रहता है. ऐसे में घरों में रोशनी और सजावट बढ़ने के बावजूद औद्योगिक एवं व्यावसायिक मांग घट जाती है. यही कारण है कि धनतेरस पर बिजली की अधिकतम मांग दीपावली से ज्यादा रहने का अनुमान है.
पांच दिन में 5.10 करोड़ यूनिट का हिसाब
दीपोत्सव के पांच दिनों में बिजली की कुल खपत करीब 5 करोड़ 10 लाख यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है. वहीं, केवल दीपावली की विशेष सजावट और रोशनी पर ही करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की बिजली खर्च होने का अनुमान बताया गया है. शहर के 8 लाख 10 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के बीच त्योहार के दौरान घरेलू बिजली की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
पांच साल में 180 मेगावाट बढ़ गई दीपोत्सव की बिजली मांग
इंदौर में दीपोत्सव के दौरान बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. पिछले पांच वर्षों के आंकड़े इस बढ़ते दबाव की कहानी बयां कर रहे हैं.
वर्ष अधिकतम बिजली मांग
2021 400 मेगावाट
2022 440 मेगावाट
2023 460 मेगावाट
2024 500 मेगावाट
2025 550 मेगावाट
2026 580 मेगावाट (अनुमानित)
पांच साल में मांग 400 से बढ़कर 580 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है. यानी 180 मेगावाट की वृद्धि. यह इंदौर के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार, उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली के बढ़ते इस्तेमाल की तस्वीर भी पेश करता है.
मेंटेनेंस पूरा, अब 24 घंटे बिजली कंपनी का पहरा
त्योहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए बिजली कंपनी ने पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं. पिछले 10 से 12 दिनों से विशेष मेंटेनेंस अभियान चलाया गया. इसमें उच्चदाब और निम्नदाब बिजली लाइनों, ग्रिड, ट्रांसफार्मरों और केबलों से जुड़े जरूरी कार्य पूरे कराए गए हैं. शहर अधीक्षण यंत्री मनेंद्र गर्ग के मुताबिक दीपावली के दौरान बिजली कर्मचारियों की 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध रहेंगी. बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी स्काडा सिस्टम के माध्यम से की जाएगी, ताकि कहीं भी तकनीकी गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके.
