बेतिया, 05 नवंबर (वार्ता) बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में रिशु श्री मामले में संवेदक की कथित संलिप्तता की जांच का दायरा बढ़कर भवन निर्माण विभाग की योजनाओं तक पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के मद्देनजर विभाग की 11 योजनाओं से संबंधित फाइलें तलब की गयी हैं। इन योजनाओं के टेंडर और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बेतिया पहुंची है।
आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि दो अधीक्षण अभियंताओं के नेतृत्व में पहुंची टीम भवन निर्माण विभाग की संबंधित योजनाओं के दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच में तत्कालीन मुख्य अभियंता तारिणी दास के कार्यकाल में जारी टेंडर और उनकी तकनीकी स्वीकृति से जुड़े अभिलेखों को विशेष रूप से खंगाला जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम योजनाओं की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया, संवेदक के चयन और कार्य आवंटन से संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है। इसके माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि टेंडर और तकनीकी स्वीकृति निर्धारित नियमों के अनुरूप दी गयी थी या नहीं तथा संवेदक की भूमिका क्या रही है।
इधर, टेंडर प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं को देखते हुए भवन निर्माण विभाग की ओर से भी अलग से जांच करायी जा रही है। 11 योजनाओं की फाइलें तलब किये जाने के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में हलचल तेज हो गयी है।जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और संवेदकों की जवाबदेही तय की जा सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जांच टीम दस्तावेजों के आधार पर योजनाओं की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल में जुटी है।
