
ओंकारेश्वर, नगर परिषद कार्यालय ओंकारेश्वर में आज विकास और जनसुविधाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण सामान्य विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, पार्षद प्रतिनिधि और एल्डरमैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान धार्मिक नगरी के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
पूरे शहर को मिलेगा एक जैसा धार्मिक स्वरूप
ओंकारेश्वर मंदिर के वर्तमान स्वरूप को ध्यान में रखते हुए परिषद ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मंदिर में किए गए हल्के गेरुआ रंग की तर्ज पर अब पूरे ओंकारेश्वर नगर में भी इसी रंग से रंगरोगन कराया जाएगा। इस पहल से पूरे शहर के स्वरूप में एकरूपता आएगी और एक धार्मिक व पर्यटन नगरी के रूप में इसकी सुंदरता और अधिक निखर कर सामने आएगी।
पार्किंग स्थलों और चौराहों का हुआ नया नामकरण
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए नगर के प्रमुख पार्किंग स्थलों और चौराहों के नाम बदलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। अब इन्हें इन नए नामों से जाना जाएगा:
• टंट्या मामा पार्किंग: टेचिंग ग्राउंड के पास बने पार्किंग स्थल का नाम बदलकर अब ‘टंट्या मामा पार्किंग’ किया गया है।
• नर्मदा पार्किंग: डेम रोड पर स्थित पार्किंग स्थल को अब ‘नर्मदा पार्किंग’ के नाम से जाना जाएगा।
• नीलकंठ पार्किंग: शासकीय अस्पताल के सामने बने पार्किंग स्थल का नया नाम ‘नीलकंठ पार्किंग’ रखा गया है।
• भीलट चौराहा: नगर के प्रसिद्ध ‘गदा चौराहा’ का नाम अब बदलकर ‘भीलट चौराहा’ कर दिया गया है।
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने इन फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि इससे ओंकारेश्वर की विशिष्ट धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी। नगर परिषद प्रशासन ने दोहराया कि वे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने तथा शहर के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
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