तेहरान, ईरान ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के उस विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें उन्होंने तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों को उचित ठहराया था। ईरानी विदेश मंत्रालय ने जर्मन मंत्री के इस रुख को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए इसे एक ‘शर्मनाक और निम्न स्तर का बयान’ करार दिया है। मंत्रालय ने जर्मन नेतृत्व को ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचने की सख्त सलाह देते हुए कहा कि यूरोपीय देशों का यह रवैया पश्चिम एशिया में तनाव को और अधिक बढ़ाने वाला है।
प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने एक्स पोस्ट के जरिए साधा निशाना, यूरोपीय अर्थव्यवस्था को हो रहे भारी नुकसान का किया जिक्र
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए जर्मन विदेश मंत्री की कड़ी आलोचना की। बाघेई ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की पिछली टिप्पणियों की याद दिलाते हुए कहा कि एक समय जर्मन नेतृत्व ने इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को ‘गंदा काम’ बताया था, लेकिन अब वे अपने बयानों से पलट रहे हैं। ईरान ने आरोप लगाया कि इस युद्ध और संघर्ष के कारण अब खुद यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं को लगभग 100 अरब यूरो का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके बावजूद पश्चिमी देश अपनी नीतियों की समीक्षा करने से बच रहे हैं।
जून में जर्मन चांसलर के बयान और वर्तमान भू-राजनीतिक हालात पर चर्चा, कूटनीति के मोर्चे पर बढ़ रहा है कड़ा टकराव
गौरतलब है कि इसी साल जून के महीने में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका और इजरायल के ईरान विरोधी सैन्य अभियानों पर टिप्पणी करते हुए संतुलित रुख दिखाने की कोशिश की थी और कहा था कि इजरायल क्षेत्र में ‘गंदा काम’ कर रहा है। हालांकि, हालिया बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि जर्मनी और पश्चिमी देशों का आधिकारिक रुख अब बदल रहा है। इस कूटनीतिक वाकयुद्ध के बीच तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता के खिलाफ दिए जाने वाले किसी भी विदेशी बयान और बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।

