वाशिंगटन 30 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर कहा है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
श्री ट्रम्प ने कंसास सिटी के रेडियो स्टेशन (केसीएमओ) को दिए साक्षात्कार में कहा, “यह जल्द ही खत्म हो जाएगा।” उन्होंने कहा, “हमें इस बात की गारंटी चाहिए कि ईरान कभी भी कोई परमाणु हथियार नहीं बनेगा।”
ईरान को लेकर अमेरिका के इरादों को लेकर विरोधाभासी संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्री ट्रंप अमेरिका में अगले हफ्ते होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नये सिरे से हमले करने पर विचार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, उनके उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति के लिए एक नये प्रस्ताव के साथ ईरान से संपर्क कर रहे हैं।
इस तरह से पिछले आठ महीने से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। कोई भी यह अंदाजा नहीं लगा पा रहा है कि युद्ध फिर से बड़े पैमाने पर हमलों की ओर बढ़ रहा है या किसी शांति समझौते की ओर। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने श्री ट्रम्प को ईरान पर फिर से हमले करने के विकल्पों के बारे में जानकारी दी। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने पिछले हफ्ते रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका और इज़रायल ने तीन नवंबर को अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर हमला करने की संयुक्त योजना तैयार की है।
वहीं, उसी दिन ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने रिपोर्ट दी थी श्री वेंस ने युद्ध खत्म करने पर बातचीत के लिए ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव, मोहसेन रेज़ाई से आमने-सामने मिलने का प्रस्ताव दिया है।
किंग्स कॉलेज लंदन में सुरक्षा अध्ययन के एसोसिएट प्रोफेसर एंड्रियास क्रीग ने अल जज़ीरा को बताया कि श्री वेंस का सीधी बातचीत का प्रस्ताव यह संकेत देता है कि अमेरिकी अपने फैसले पर फिर से विचार कर रहे हैं और वे सार्वजनिक रूप से जितना दिखा रहे हैं, वास्तव में हमले के लिए उतने तैयार नहीं हैं।
इस बीच श्री कूपर ने दावा किया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मुख्य शिपिंग मार्गों से ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं और जहाज़ इस जलमार्ग से बिना किसी रुकावट के आ-जा रहे हैं। सेंटकॉम के एक्स अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में श्री कूपर ने बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भरी थी और देखा कि वहां कई तरह के दर्जनों कमर्शियल जहाज़ इस जलमार्ग से गुज़र रहे थे। उन्होंने कहा, “मैंने जो नहीं देखा, वह यह है कि मुझे वहां आईआरजीसी कहीं भी नज़र नहीं आया।” उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना तो पूरी तरह से समुद्र की तलहटी में जा चुकी है।
श्री कूपर ने बताया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और वहां मौजूद है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि होर्मुज जलडमरूमध्यके सभी मुख्य आवागमन मार्ग खुले और बाधा-मुक्त रहें”।
वहीं, आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने दो टैंकरों को इस जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से से गुजरने से रोक दिया। उसने इन जहाजों पर आरोप लगाया कि वे अमेरिकी सेना की मदद से “अनधिकृत मार्गों” का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे।
