जबलपुर: डुमना एयरपोर्ट पर बुधवार को बम मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। हालांकि, यह किसी वास्तविक खतरे की सूचना नहीं, बल्कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए आयोजित हाई-लेवल मल्टी एजेंसी बॉम्ब थ्रेट मॉक ड्रिल का हिस्सा था। पुलिस, सीआईएसएफ और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के संयुक्त सहयोग से हुई इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व सीएसपी रांझी सतीश कुमार साहू ने किया।
ड्रिल के दौरान दोपहर में एयरपोर्ट परिसर में एक लावारिस और संदिग्ध बैग में डमी बम मिलने का इनपुट दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। खमरिया थाना प्रभारी और डुमना चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा बनाया। वहां मौजूद यात्रियों और आम नागरिकों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया।
इसके बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) को बुलाया गया। बीडीएस प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज मिश्रा अपनी टीम और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संदिग्ध बैग की जांच की और डमी बम को सफलतापूर्वक डिफ्यूज करने का प्रदर्शन किया।
इस दौरान एयरपोर्ट डायरेक्टर नीरज गुडवानी और सीआईएसएफ के रमेंद्र सिंह अपनी कमांडो टीम के साथ मौजूद रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों के रिस्पॉन्स टाइम, आपसी तालमेल, कम्युनिकेशन और मानक संचालन प्रक्रिया को परखना था।
सीएसपी रांझी सतीश कुमार साहू ने बताया कि डुमना एयरपोर्ट की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मॉक ड्रिल पूरी तरह संतोषजनक रही और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।
