रीवा: एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना रीवा क्लस्टर की मॉनिटरिंग सेल की बैठक निगमायुक्त अक्षत जैन की अध्यक्षता में हुई.बैठक में सतना निगमायुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, संयुक्त संचालक हिमांशु भट्ट मौजूद रहे. रीवा क्लस्टर के 28 नगरीय निकायों के सीएमओ एवं प्रतिनिधि तथा रैमकी और आईई की टीम बैठक में शामिल हुए. निगमायुक्त ने कई निकायों में कचरा कलेक्शन और निस्तारण ठीक से नहीं होने पर नाराजगी जताई और सीएमओ को फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सीएमओ इस काम को लेकर उदासीन न रहें.
कचरे का समय पर निस्तारण नहीं होने से वह जमा होकर लेगेसी वेस्ट बन रहा है, जिसे बाद में हटाना मुश्किल होता है. निगमायुक्त ने प्रेजेंटेशन के जरिए रैमकी कंपनी के साथ हुए अनुबंध की शर्तों और सेवा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जिस निकाय में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शत-प्रतिशत नहीं हो रहा, वहां कंपनी को उतना ही भुगतान किया जाए जितनी सेवा वास्तव में दी गई है. निकाय यह भी देखें कि तय क्षेत्रों में कंपनी नियमित सेवा दे रही है या नहीं. वाहनों के रखरखाव में लापरवाही, कचरा से लैंडफिल निर्माण, कचरा उठाव न होना आदि पर अनुबंध के अनुसार पेनाल्टी लगाई जाएगी. रैमकी के प्रतिनिधियों को भी अनुबंध के अनुसार सभी सेवाएं समय पर और पूरी तरह देने के निर्देश दिए गए. कचरा संग्रहण, उठाव और परिवहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और अनुबंध के अनुसार जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी.
