
इंदौर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के समापन के बाद बुधवार को डेली कॉलेज परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने आरक्षण, राम मंदिर-कृष्ण जन्मभूमि विवाद, जेन-जी के आंदोलनों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर संघ का रुख सामने रखा. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण की व्यवस्था तब तक जारी रहनी चाहिए, जब तक समाज में उनके साथ हुआ भेदभाव और असमानता दूर नहीं हो जाती. यह संवेदनशील विषय है, इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
राम मंदिर का संकल्प पूरा, बाकी मामले अदालत पर छोड़ें
मंदिरों से जुड़े विवादों पर सवाल हुआ तो होसबाले ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का संकल्प संघ ने पूरा किया है. काशी, मथुरा और धार की वाग्देवी से जुड़े मामलों पर उन्होंने कहा कि जो प्रकरण अदालत में विचाराधीन हैं, उनका फैसला न्यायालय पर छोड़ देना चाहिए. कृष्ण जन्मभूमि विवाद का निर्णय भी अदालत को ही करना है.
जेन-जी की बात सुनें, अराजक तत्वों से रहें सावधान…
युवाओं के आंदोलनों और जेन-जी के प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर होसबाले ने कहा कि युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना जरूरी है. उनके साथ सकारात्मक संवाद होना चाहिए. केवल सवाल उठाने या विरोध करने से उन्हें देशविरोधी नहीं मान लेना चाहिए. हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि देश के भीतर और बाहर कुछ अराजक तत्व युवाओं को उकसाकर अशांति और विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव के माध्यम से होना चाहिए, हिंसा और अशांति के जरिए नहीं.
एसआईआर का समर्थन, मतदाता सूची त्रुटिरहित बनाने पर जोर…
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर होसबाले ने कहा कि सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए समय-समय पर उसका पुनरीक्षण जरूरी है. इसमें ऐसे लोगों के नाम भी हैं, जिनका निधन हो चुका है या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, ऐसे नाम हटाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि कोई भारतीय नागरिक नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है तो यह देश की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है.
विदेशों में संघ का काम, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संगठन बनने की योजना नहीं…
विदेशों में संघ के विस्तार को लेकर होसबाले ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अंतरराष्ट्रीय संगठन बनने की योजना नहीं रखता. संघ का कार्य भारत की सीमाओं के भीतर ही होता है. विदेशों में 80 से 100 देशों में स्वयंसेवक वहां के कानूनों के अनुसार हिंदू समाज को संगठित करने का काम कर रहे हैं.
शताब्दी वर्ष में 10 हजार से अधिक नए स्थानों तक पहुंचा संघ…
प्रेस वार्ता में होसबाले ने संघ के संगठनात्मक विस्तार के आंकड़े भी साझा किए. उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में संघ का काम 10,241 नए स्थानों तक पहुंचा है. वर्तमान में 63,208 स्थानों पर 99,423 शाखाएं संचालित हो रही हैं. इस दौरान देशभर में 94,218 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए, जिनमें करीब पांच करोड़ लोगों ने सहभागिता की. पश्चिम बंगाल में शाखाओं की संख्या पहले की तुलना में करीब 150 गुना बढ़ने की बात भी उन्होंने कही.
नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएगा संघ…
बैठक में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चर्चा हुई. होसबाले ने बताया कि संघ स्वयंसेवकों के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ प्रभावित युवाओं के लिए परामर्श की पहल करेगा. युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी बैठक में विचार किया. इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक चली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ संगठन के विस्तार, सामाजिक संपर्क, सेवा गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई.
