मुंबई, 04 नवंबर (वार्ता) उत्पादन और बिक्री दोनों में मजबूती आने से देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अक्टूबर में माह-दर-माह आधार पर तेजी देखी गई। एचएसबीसी द्वारा बुधवार को जारी भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अक्टूबर 2026 में 55.8 पर पहुंच गया। सितंबर में यह 55.2 पर था। यह चार महीने का उच्चतम स्तर है। सूचकांक का 50 से ऊपर रहना वृद्धि की दर्शाता है। वहीं, 50 से नीचे का स्तर गिरावट और 50 का स्तर स्थिरता का संकेत है। भारत में एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि करोबारी परिस्थितियों में लगातार सुधार के कारण यह वृद्धि संभव हो सकी है। हालांकि घरेलू मांग मजबूत बनी रही, लेकिन विदेशों से मिलने वाले नए ऑर्डर फरवरी 2023 के बाद के न्यूनतम स्तर पर रहे।
उन्होंने बताया कि रोजगार के अवसर भी जून के बाद सबसे धीमी गति से बढ़े हैं। लागत और उत्पाद मूल्यों में वृद्धि जरूर देखी गई है, लेकिन इसकी रफ्तार सितंबर से कम रही। विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े 02 नवंबर को जारी किए गए थे। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का संयुक्त सूचकांक सितंबर के 55.9 प्रतिशत से बढ़कर अक्टूबर में 56.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।
सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली कंपनियों ने बताया कि उत्पादन बढ़ने के पीछे मुख्य कारण नये ऑर्डरों में वृद्धि है। न सिर्फ ओवरऑल बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि इसकी रफ्तार भी इस साल जून के बाद सबसे अधिक है। ऑर्डर बढ़ाने में मांग की अनुकूल परिस्थिति, नये क्लाइंटों का बनना और सफल प्रचार अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बिक्री में वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू बाजार के दम पर हुई है। कंपनियों की लागत में वृद्धि लगभग नगण्य रही है। यह फरवरी 2026 के बाद सबसे कमजोर वृद्धि है।

