
जावर / सिहाड़ा / खंडवा। शासन की 550 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जावर-सिहाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना इन दिनों किसानों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। योजना के तहत खेतों में बिछाई गई पाइपलाइन की गुणवत्ता को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्राउंड पर जो तस्वीर सामने आई है, वह चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि आज की गई टेस्टिंग के दौरान कई स्थानों पर पाइप फूट गए और कई जगहों से जॉइंट से पानी का रिसाव होने लगा। खेतों में पड़ी पाइपलाइन को देखकर किसान परेशान हैं।
मानकों पर अनदेखी का आरोप
किसानों का आरोप है कि पाइपलाइन को निर्धारित मापदंड और गहराई के अनुसार नहीं बिछाया गया है। कई जगह पाइप जमीन की सतह पर ही डाल दिए गए हैं। जॉइंट भी ठीक से सील नहीं किए गए हैं। इससे आशंका है कि भविष्य में पूरी लाइन में बार-बार लीकेज की समस्या आएगी।
सालों से पानी का इंतजार
इस योजना से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद है। किसान पिछले लंबे समय से अपने खेत तक पानी पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। योजना को लेकर कई बार प्रशासनिक स्तर पर बैठकें हुई हैं, जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन भी दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर किसानों को अभी तक राहत नहीं मिली है।ग्रामीणों का कहना है कि पाइपों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। काम में तेजी और गुणवत्ता दोनों का ध्यान रखा जाए, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो।
किसानों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए। यदि मानकों में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार एजेंसी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और पाइपलाइन को मानकों के अनुसार दोबारा दुरुस्त किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द पानी मिल सके।
