
जबलपुर। अपर कलेक्टर नीता राठौर की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पराली प्रबंधन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में पराली जलाने से होने वाले नुकसान, फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने कहा कि नरवाई प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करने के साथ ही पराली उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
बैठक में कृषि अधिकारियों ने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नरवाई नहीं जलाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर और जीरो ड्रिल जैसी कृषि मशीनों का लाइव प्रदर्शन कर किसानों को इनके उपयोग के बारे में बताया जा रहा है। जागरूकता के लिए किसान रथ भी संचालित किया जा रहा है। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से एसएमएस भेजकर भी किसानों तक संदेश पहुंचाए जा रहे हैं।
जबलपुर संभाग में क़ृषि यंत्रो को बढ़ाने की दी जानकारी
बैठक में नरवाई प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने की जानकारी भी दी गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि सुपर सीडर मशीनों की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि विकासखंडवार बोवनी के रकबे और उपलब्ध पराली प्रबंधन यंत्रों के आधार पर यह आकलन किया जा रहा है कि कितने क्षेत्र में इनका उपयोग किया जा सकता है। प्रयास है कि उपलब्ध कृषि यंत्रों का पूरी क्षमता से उपयोग हो, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
