
चुरहट। नकली मावा-मिठाई की जांच करने चुरहट के होटलों में टीम ने पहुंच कर निरीक्षण के साथ प्रयोगशाला जांच के लिए सैंपल लिए। कलेक्टर के आदेश पर प्रशासन का बड़ा प्रहार शुरू हो चुका है। चुरहट में 5 होटलों पर एक साथ छापामार कार्रवाई करते हुए सैंपल लिए गये। जांच में सैंपल फेल हुआ तो लाइसेंस भी रद्द होगा।
त्यौहारों के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने साफ आदेश दिया है कि चाहे कोई भी हो, नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर के इस सख्त आदेश के बाद चुरहट एसडीएम अजय शर्मा ने मोर्चा संभाल लिया है। एसडीएम अजय शर्मा के निर्देश पर सोमवार को राजस्व और फूड विभाग की संयुक्त टीम ने चुरहट बाजार में ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई से पूरे बाजार में हडक़ंप मच गया। होटल और मिठाई दुकान संचालकों के हाथ-पांव फूल गए। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चुरहट बाजार में सिंथेटिक मावा, नकली पनीर और मिलावटी मिठाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। त्योहारी सीजन में यही मिलावटी सामग्री महंगे दामों पर जनता को परोसी जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने सोमवार को चुरहट नगर परिषद बाजार के 5 बड़े होटलों पर एक साथ दबिश दी। जनता होटल से पेड़ा, मावा। परिहार होटल से पेड़ा, मावा। बसंत होटल से मगज लड्डू, मावा बर्फी। राजस्थान मिष्ठान से मगज लड्डू, चॉकलेट बर्फी। यादव होटल से पेड़ा, मगज लड्डू, मीठा मावा टीम ने मौके पर ही सभी मिठाइयों के सैंपल सील कर जब्त कर लिए और जांच के लिए लैब भेज दिया है। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि रिपोर्ट में अगर जरा भी मिलावट या सिंथेटिक मावा पाया गया तो दुकानदार के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की मौजूदगी से उड़ी नींद
इस कार्रवाई में खुद तहसीलदार सुषमा रावत, नायब तहसीलदार बाल्मीक साकेत, हंसराज सिंह, इंद्रभान सिंह और फूड विभाग से दिलीप कुमार लोधी मौजूद रहे। प्रशासन के इतने बड़े अमले को बाजार में देखकर मिलावटी कारोबार करने वालों में खौफ देखा गया। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर इधर-उधर होते नजर आए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई रोजाना अलग-अलग बाजारों में होगी। बिना लाइसेंस, बिना साफ-सफाई और मिलावटी सामान बेचने वाले होटलों पर अब ताला तक लग सकता है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से ईमानदार व्यापारियों ने राहत की सांस ली है वहीं मिलावटी मिठाई बेचने वालों में दहशत का माहौल है।
इनका कहना है
सिंथेटिक खोवा, पनीर और नकली मिठाई बेचकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों की अब नींद उडऩे वाली है। फूड और राजस्व विभाग की टीम को खुली छूट दे दी गई है। सैंपलिंग की यह तो सिर्फ शुरुआत है। त्योहारों तक यह अभियान लगातार चलेगा। कहीं भी मिलावट मिली तो न सिर्फ भारी जुर्माना लगेगा बल्कि एफआईआर, जेल और लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई होगी। जनता के स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अजय शर्मा, उपखण्ड अधिकारी चुरहट
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