शिवपुरी: त्योहारों की खुशियों में मिठास घोलने वाली मिठाई कहीं सेहत के लिए जहर न बन जाए! मिलावटी मावा, घटिया तेल, नकली मसाले और हानिकारक खाद्य रंग पेट से लेकर लीवर और किडनी तक को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए शिवपुरी जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से 44 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।शिवपुरी के शर्मा मिष्ठान भंडार, सिंघल स्वीट्स, शुभम नमकीन, बालाजी स्वीट्स, श्रीराम ऑयल इंडस्ट्रीज सहित करैरा, नरवर और पोहरी के अनेक प्रतिष्ठानों से मावा, बर्फी, लड्डू, जलेबी, खाद्य रंग, मसाले और तेल के नमूने संकलित किए गए।
चलित खाद्य प्रयोगशाला ने शिवपुरी, करैरा, नरवर और बदरवास में 100 नमूनों का मौके पर परीक्षण किया। आठ जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित हुए।
अब राज्य खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट से शुद्धता का खुलासा होगा। दोष मिलने पर कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल नमूने लिए जाने का अर्थ मिलावट साबित होना नहीं है। सवाल यह है कि जांच का यह अभियान मिलावटखोरों पर कितना असर दिखाएगा
