ग्वालियर: सकल ब्राह्मण महासमिति द्वारा आयोजित 19वें निशुल्क सकल ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन के पंजीयन का शुभारंभ विधि-विधान से श्रीगणेश पूजन एवं भगवान शिव के अभिषेक के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि संत सच्चिदानाथ ढोलीबुआ महाराज ने कहा कि सनातन वैदिक परंपरा में गृहस्थाश्रम को चारों पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। गृहस्थ जीवन ही इन पुरुषार्थों को साधने का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिक भी भारतीय सनातन धर्म और परंपराओं में आस्था रखने वाले लोगों के साथ विवाह करने के इच्छुक रहते हैं। भारतीय संस्कृति में दाम्पत्य जीवन के प्रति समर्पण और जीवनभर साथ निभाने की भावना विशेष महत्व रखती है। उन्होंने समाज से विदेशी संस्कृति के अंधानुकरण से बचने तथा सनातन संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
