
प्रवेश कुमार मिश्र
नई दिल्ली, दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली की सफलता के बाद, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक व आक्रामक बनाने का पूरा खाका तैयार कर लिया है.विपक्षी दलों का यह विरोध अभियान अब केवल देश की राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली से शुरू होकर राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों और देश के छोटे-छोटे कस्बों व गांवों तक जाएगा.
सूत्रों की मानें तो त्यौहारों के सीजन के तुरंत बाद इंडिया गठबंधन द्वारा सड़क से लेकर संसद तक सरकार और चुनाव आयोग की चौतरफा घेराबंदी की जाएगी.
सूत्र बता रहे हैं कि इस आंदोलन का अगला चरण मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों पर केंद्रित होगा जहाँ 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. दिल्ली की तर्ज पर इन राज्यों की राजधानियों में बड़ी मेगा रैलियों का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद देश के सभी जिला मुख्यालयों और छोटे कस्बों में विरोध मार्च निकालकर स्थानीय स्तर पर बड़ी मोर्चाबंदी की जाएगी. विपक्ष का मुख्य उद्देश्य आम मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची से हटाए गए कथित 13.2 करोड़ से अधिक नामों के प्रति जागरूक करना है.
इस पूरे अभियान के दौरान राहुल गांधी और गठबंधन के शीर्ष नेता जनता को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तो महज एक माध्यम हैं, जबकि असली खेल पर्दे के पीछे से खेला जा रहा है. राहुल गांधी की तरफ से पहले ही यह बयान आ चुका है कि ज्ञानेश कुमार के बाद अगला नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का है. पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम जनता को जागरूक किया जाएगा कि किस तरह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कथित तौर पर चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संवैधानिक संस्था का सहारा लेकर आम मतदाताओं को परेशान कर रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं.
सूत्रों की मानें तो आगामी रणनीति के तहत यह लड़ाई दोतरफा होगी जिसमें एक तरफ संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी दल संसद की कार्रवाई को बाधित कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेंगे. यदि सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई तो ऐसे सांसदों का समूह सदन के प्रवेश द्वार पर मोर्चाबंदी करेंगे. एक अलग रणनीति के तहत शीतकालीन सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ औपचारिक महाभियोग प्रस्ताव लाने की रणनीतिक योजना तैयार की जा रही है. इंडिया गठबंधन के रणनीतिकार सदन के अंदर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए डीएमके, बीजद, आम आदमी पार्टी समेत अन्य सामान विचारधारा वाले दलों से बात कर रहे हैं यदि ताकत बढ़ाने में कामयाब रहेंगे तो महाभियोग का औपचारिक प्रस्ताव लाया जाएगा अन्यथा विरोध की दूसरी रणनीति बनाई जाएगी. इंडिया गठबंधन का प्रयास है कि सीईसी के सहारे सरकार को घेरते इस बहस को आम बहस बनाया जाए. इसके अलावा यह भी रणनीति बनाई गई है कि देश के कोने-कोने में क्षेत्रीय दल अपने-अपने गढ़ों में छोटी सभाएं और रैलियां करके इस मुद्दे को जन महाभियोग के रूप में जनता की अदालत में जीवित रखेंगे.
