अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने फ्लोरिडा स्थित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आवास मार-ए-लागो के पास शनिवार को एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति के पाम बीच स्थित आवास के आसपास AN/TWQ-1 एवेंजर शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (SHORADS) लगाए गए हैं। ये सिस्टम ड्रोन समेत हवा से आने वाले खतरों से सुरक्षा देने में सक्षम हैं।
वहीं, ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के कुछ ही घंटों बाद फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में एक बिजनेस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रविवार को नौ लोगों को लेकर जा रहा लियरजेट 60 क्रेस्टहेवन इलाके में गिर गया। हादसे में विमान सवार सभी नौ लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना ट्रंप के मार-ए-लागो आवास से करीब नौ मील यानी 14 किमी दूर हुई। हादसे के एक घंटे पहले तर राष्ट्रपति ट्रंप घर पर मौजूद थे। हालांकि, विमान हादसे और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच किसी तरह का संबंध नहीं है।
ट्रंप के घर से केवल 14 किमी दूर हादसा
यह दुर्घटना पाम बीच काउंटी के एक इलाके, क्रेस्टहेवन के पास हुई, जो मार-ए-लागो से सात मील (11 किलोमीटर) से भी कम दूरी पर है। राष्ट्रपति ट्रंप खुद रविवार को मार-ए-लागो में थे। दुर्घटना से लगभग एक घंटे पहले, सुबह 11:55 बजे, वे ‘एयर फोर्स वन’ में सवार हुए और पास ही स्थित ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ से रवाना हो गए।
पायलट ने ‘मेडे’ बोलकर मांगी थी मदद
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की बातचीत के अनुसार, हादसे से पहले विमान में तेज टर्बुलेंस और बर्फ जमने की समस्या देखी गई थी। पायलट ने बताया कि टर्बुलेंस के कारण विमान लगभग 700 फीट ऊपर-नीचे हो रहा था। इसके बाद उसने विमान को 2,000 फीट और ऊपर ले जाने की अनुमति मांगी।
थोड़ी ही देर में विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। पायलट ने ‘मेडे, मेडे’ बोलकर इमरजेंसी सहायता मांगी। बातचीत के दौरान पायलट ने बताया कि विमान 10,000 फीट प्रति मिनट की गति से नीचे जा रहा है। अंतिम बातचीत में पायलट ने कहा कि विमान जमीन से टकराने वाला है।
क्या है एवेंजर मिसाइल डिफेंस सिस्टम?
AN/TWQ-1 एवेंजर एक मोबाइल शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है। इसमें 360 डिग्री तक घूमने वाला बुर्ज और दो मिसाइल लॉन्चर लगे होते हैं। यह सिस्टम FIM-92 स्टिंगर मिसाइल दाग सकता है। प्रत्येक लॉन्चर में चार मिसाइलें रखने की क्षमता होती है।
इस सिस्टम को दिन और रात, दोनों समय और अलग-अलग मौसम की परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके ऑपरेटर मिसाइल लॉन्चर को वाहन पर लगे फायरिंग स्टेशन से नियंत्रित करते हैं। जरूरत पड़ने पर इसे रिमोट कंट्रोल यूनिट के जरिए भी संचालित किया जा सकता है।
