सावधान: गोपालदास बांध में मगरमच्छ की एंट्री, खौफ में ग्रामीण

सीधी : जिला मुख्यालय के समीपस्थ गोपालदास बांध उर्मिलेश्वर धाम तिलक नगर पडऱा क्षेत्र में मगरमच्छ की सक्रियता से स्थानीय निवासियों और उर्मिलेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों द्वारा बांध के किनारे मगरमच्छ को देखा गया है जिसके बाद से पूरे इलाके में भय व्याप्त है और किसी गंभीर अनहोनी की आशंका बनी हुई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय कार्यपालन यंत्री महान नहर संभाग सीधी द्वारा वन मण्डलाधिकारी पश्चिम वन मण्डल सीधी को आधिकारिक पत्र जारी कर सूचित किया गया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि गोपालदास बांध के किनारे ग्रामीणों द्वारा मगरमच्छ देखा गया है जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।

विभाग ने वन विभाग से इस संबंध में त्वरित और आवश्यक अग्रिम कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उर्मिलेश्वर धाम तिलक नगर पडऱा आश्रम में उपस्थित सदस्यों ने परिक्षेत्राधिकारी सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य सीधी की टीम को बताया कि उन्होंने मगरमच्छ को पानी में तैरते हुए देखा है हालांकि वह अभी तक आश्रम के बिल्कुल पास बाहर नहीं आया है। परिक्षेत्राधिकारी सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य सीधी की टीम ने आश्रम के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों को समझाइश दी है कि जैसे ही मगरमच्छ पानी से बाहर या जमीन पर दिखाई दे इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। ताकि समय रहते रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ सके और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय निवासियों को भी बांध के किनारे अकेले या असावधानी से न जाने की सलाह दी गई है।

निरीक्षण करने पहुंची सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य की टीम

सूचना मिलते ही परिक्षेत्राधिकारी सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य सीधी के नेतृत्व में वन अमले बीट गार्ड कुकरांव, पिपरोहर, गऊघाट ने 31 अक्टूबर को दोपहर 4:30 बजे गोपालदास बांध के चारों तरफ घूम-फिर कर सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम को सीधे तौर पर मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया।

पडऱा नहर के रास्ते से आने की संभावना

सीधी जिले के गोपालदास बांध में मगरमच्छ आने की संभावना यह है कि सितम्बर माह के शुरुआत में हुई तेज बारिश के दिनों में गुलाब सागर बांध से होते हुए पडऱा नहर का जलस्तर बढऩे से नहर से बाहर निकल कर गोपालदास बांध में पहुंचा होगा।

मवेशियों और बच्चों पर मंडरा रहा खतरा: रामकृष्ण

उर्मिलेश्वर धाम तिलक नगर पडऱा के सदस्य प्रत्यक्षदर्शी रामकृष्ण पनिका का कहना है कि बांध के किनारे अक्सर मवेशी पानी पीने जाते हैं और बच्चे भी आसपास खेलते रहते हैं। अगर मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर किनारे पर आ गया तो कभी भी कोई बड़ी और दर्दनाक दुर्घटना घट सकती है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेकर तुरंत पकड़वाना चाहिए।

बांध में पास आने-जाने में लग रहा है डर: शिवाकांत

उर्मिलेश्वर धाम तिलक नगर पडऱा गुरुकुल के छात्र शिवाकांत शुक्ला ने बताया कि बांध का यह हिस्सा वीआईपी रेस्ट हाउस और उर्मिलेश्वर धाम के बिल्कुल नजदीक है। यहां लोग अक्सर नहाने, कपड़े धोने या पूजा-पाठ के लिए आते हैं लेकिन जब से मगरमच्छ की खबर फैली है तब से घाटों पर जाने में डर लग रहा है।

हमने खुद पानी में तैरते देखा है: सुशांत

उर्मिलेश्वर धाम तिलक नगर पडऱा आश्रम के छात्र सुशांत विश्वकर्मा का कहना है कि उन्होंने बांध के पानी में मगरमच्छ की हलचल को साफ तौर पर देखा है। वह अक्सर पानी की ऊपरी सतह पर तैरता हुआ दिखाई देता है।

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