भाजपा ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने के कांग्रेस के दावे को किया खारिज

नयी दिल्ली, 01 नवंबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने रविवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली में कांग्रेस के 10 लाख लोगों के जुटने का दावा का पोल खुल गया।

उन्होंने कहा कि मैदान का 55 प्रतिशत हिस्सा खाली था और 28 हजार कुर्सियों में से हजारों कुर्सियां खाली पड़ी थीं। डॉ. पात्रा ने वीडियो और आंकड़ों के माध्यम से कांग्रेस के दावों को भ्रामक बताया। उन्होंने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों को भी इसी तरह का झूठ करार दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राहुल गांधी के 2024 के चुनाव को अवैध बताने वाले बयान पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विरुद्ध उनकी अमर्यादित भाषा की आलोचना की।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम ने रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों के आने का दावा किया था। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल और पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही थी। रामलीला मैदान लगभग 10 से 12 एकड़ में फैला है। मैदान में बने मंच और उसके सामने के ‘डी’ घेरे ने लगभग 15 प्रतिशत जगह घेर रखी थी। इसके अलावा, लगभग 40 प्रतिशत हिस्से को व्यू कटर यानी टेंट लगाकर ढक दिया गया था ताकि उसके पीछे का खाली स्थान दिखाई न दे। तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है कि मैदान का पिछला पूरा हिस्सा खाली था। वहां न कोई कुर्सी थी और न ही किसी प्रकार की व्यवस्था थी।

डॉ. पात्रा ने कहा कि एसआईआर के मामले में भी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का गणित बिल्कुल ऐसा ही है। कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि वोट काट दिए गए, लेकिन राहुल गांधी ने दावा किया था कि उनके 10 लाख मतदाता आज यहां मौजूद रहेंगे। अब वास्तविक आंकड़ों का हिसाब लगाया जाए तो पता चलेगा कि कितने लोग अनुपस्थित रहे, कितने वहां से दूसरी जगह चले गए और कितने वास्तव में रैली में पहुंचे। इस पूरे हिसाब-किताब से कांग्रेस पार्टी के झूठ का पर्दाफाश होता है।

डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि हमें आश्चर्य होता है कि राहुल गांधी की बातें वहीं की वहीं अटकी हुई हैं। ऐसा लगा कि उनका टेप रिकॉर्डर वहीं अटका हुआ है। राहुल गांधी कह रहे हैं कि 2024 का चुनाव अवैध था और ज्ञानेश कुमार को पद से हटना होगा। वह यह भी कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार सो नहीं पा रहे हैं और डरे हुए हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि 2024 के चुनाव के समय ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त नहीं थे। वह 2024 के बाद वर्ष 2025 में चुनाव आयुक्त बने थे। यदि राहुल गांधी के अनुसार 2024 का चुनाव अवैध था, तो इसका अर्थ है कि वे स्वयं भी अवैध नेता प्रतिपक्ष हैं और उनके सभी सांसद भी अवैध हैं। कौन ऐसा नेता होता है, जो अपने ही नेताओं और देश की जनता की आवाज उठाने की बात करते हुए उन्हीं का मखौल उड़ाता है? राहुल गांधी के पीछे, आगे, दाएं और बाएं बैठे सभी नेता उनके अनुसार अवैध हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे भी अवैध सांसद हैं, उनकी माताजी और उनकी बहन भी अवैध सांसद हैं, क्योंकि राहुल गांधी के हिसाब से चुनाव ही अवैध था। यदि चुनाव अवैध था, तो उसके खिलाफ रामलीला मैदान में ढाई साल बाद लड़ाई नहीं होती और न ही वहां मुट्ठी भर लोगों को इकट्ठा किया जाता।

उन्होंने कहा कि कि चुनाव को अवैध मानने पर राहुल गांधी को तुरंत चुनाव के बाद उसे चुनौती देनी चाहिए थी, याचिका दाखिल करनी चाहिए थी और अदालत में जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए था। राहुल गांधी ऐसी एक याचिका दिखाएं, जिसमें कांग्रेस पार्टी या इंडी गठबंधन की किसी भी पार्टी ने 2024 के चुनाव को अवैध बताते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय में चुनौती दी हो। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के संदर्भ में कहा कि वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नहीं बन सकते थे। यह हिंदुस्तान सभी हिंदुस्तानियों का है। यहां चायवाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। यही बात राहुल गांधी को अखरती है कि साधारण लोग लोकतंत्र की सीढ़ियां चढ़कर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और बड़े नेता बन गए जबकि परिवारवादी लोग पीछे छूट गए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी सही कह रहे हैं कि उनके रहते प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कभी नहीं हटेंगे। यदि विपक्ष इसी तरह गैर-मुद्दों को गढ़कर अराजकता फैलाने की कोशिश करेगा, तो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे। यह बात हम अहंकार से नहीं, बल्कि गर्व से कह रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को 140 करोड़ भारतीयों का आशीर्वाद प्राप्त है। आज रामलीला मैदान खाली पड़ा है। एसआईआर की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है। 10 लाख लोगों के आने का दावा किया गया था, लेकिन वहां मुट्ठी भर लोग ही पहुंचे और कुर्सियां खाली रह गईं। एसआईआर में भी जिस दिन आप कुर्सी पर बैठकर फॉर्म-6 भर देंगे, उस दिन आप भी ऑडियंस और वोटर कहलाएंगे। राहुल गांधी को यह वीडियो दिखाना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि आखिर सच्चाई क्या है।

 

 

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