होटल श्री गंगा मौत का चेंबर, चार जिंदगी की कीमत 1.36 करोड़ 

उज्जैन। होटल श्री गंगा का फूड वेस्ट चैंबर शनिवार रविवार रात चार जिंदगियों के लिए कॉल बन गया। डेढ़ घंटे बाद चारों को बाहर निकाला गया। वाल्मीकि समाज का गुस्सा देख होटल प्रबंधन में एक करोड़ 20 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। प्रदेश सरकार की ओर से भी चारों मृतकों को चार-चार लाख रुपए की सहायता दी गई है।

देवास रोड पर होटल श्री गंगा में रात को वेस्ट चैंबर की सफाई के लिए बाहरी कर्मचारियों को बुलाया गया था। होटल का सुपरवाइजर और कुछ कर्मचारी भी चेंबर की सफाई के लिए मौजूद थे। उपरी मंजिल से चेंबर में बाल्टी भरकर पानी डाला जा रहा था। इस दौरान एक युवक संतुलन बिगडऩे से चेंबर में जा गिरा उसे बचाने के लिए तीन युवक और उतारे लेकिन वह भी चेंबर की गंदगी में फंस गए और जहरीली गैस के प्रभाव में आ गए उनकी मदद के लिए एक युवक और उतरा लेकिन वह भी गैस से हुई घबराहट के बाहर निकल आया। चार युवकों के चेंबर में गिरने की खबर से अफरा तफरी मच गई माधव नगर पुलिस भी बचाव के लिए होटल पहुंची। चेंबर को तोडऩे का प्रयास किया गया लेकिन लोहे की मोटी परत होने पर उसे काटने के लिए पुलिस द्वारा आसपास चल रहे निर्माण कार्यों से कटर मशीन मंगाई गई। चेंबर को काटने में कटर के 8 पत्ते लग गए। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकल गया उनकी सांसे थम सी गई थी थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने अपनी टीम के साथ सीपीआर देकर उनकी सांसे लौटने का प्रयास किया लेकिन चारों की सांस नहीं लौटी। चरक अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने भी मृत घोषित कर दिया। मृतक युवकों में होटल का सुपरवाइजर मनोज पिता तेजमल मीणा 25 साल निवासी झालावाड़ राजस्थान, सफाई कर्मी वाहिद पिता सागर 35 साल निवासी पीर का टेकरा जांसापुरा मूल निवासी सुसनेर, कमलेश पिता सोहनलाल 30 साल और नितिन पिता ताराचंद 22 साल निवासी वाल्मीकि नगर होना सामने आए। घटनाक्रम के बाद चार युवकों की मौत होने पर माधव नगर थाना पुलिस द्वारा मर्ग कायम किया गया मृतकों में एक नगर निगम कर्मचारी था। नगर निगम जोन क्रमांक 4 से पुलिस को निष्पक्ष जांच के लिए पत्र सोपा गया पुलिस ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है नगर निगम द्वारा भी शहर की होटल में चैंबरों की सफाई व्यवस्था को लेकर जांच शुरू करने की बात कही है।

5-5 लाख के बाद 30-30 लाख की सहायता

रात में हुई घटना के बाद रविवार सुबह पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर चारों मृतकों के परिजन और रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई थी पुलिस बल की मौजूदगी में सबसे पहले मनोज मीणा का पोस्टमार्टम कराया गया जिस भाई झालावाड़ राजस्थान लेकर गया है। दूसरा पोस्टमार्टम वाहिद का किया गया उसके बाद दो अन्य युवकों के पोस्टमार्टम कराए गए इस दौरान परिजनों ने आर्थिक सहायता को लेकर होटल के सामने चक्काजाम की बात कही। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें समझाइश दी गई। होटल प्रबंधन द्वारा पहले 5-5 लाख की मदद का आश्वासन दिया गया लेकिन परिवार और वाल्मीकि समाज के लोग संतुष्ट नहीं हुए बाद में मृतकों के परिवार को 30-30 लाख की सहायता तय की गई और चेक दिए गए। मुख्यमंत्री ने भी अपने गृह नगर में हुए हादसे पर शोक जताया और प्रशासन स्तर पर चार-चार लाख की सहायता मृतकों के परिजनों को दी गई।

कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक की टीम पहुंची होटल

रात में 11.45 बजे के लगभग खबर सामने आते ही एसपी प्रदीप शर्मा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसडीएम लक्ष्मी नारायण गर्ग, सीएसपी दीपिका शिंदे और अन्य अधिकारी होटल श्रीगंगा पहुंच गए थे करीब डेढ़ घंटे चले रेस्क्यू अभियान के दौरान एसपी द्वारा निर्देश देकर चेंबर में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए नेतृत्व करते रहे। चारों को बाहर निकालने के बाद एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। सुबह पोस्टमार्टम के दौरान महापौर मुकेश टटवाल और मुख्यमंत्री के भाई समाजसेवी नारायण यादव भी अस्पताल पहुंच गए थे।

Next Post

डिवाइडर में घुसी बाइक, एक की मौत, दूसरा गंभीर घायल

Sun Nov 1 , 2026
ग्वालियर। तेज रफ्तार बाइक के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा जाने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा डबरा बायपास हाईवे पर हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल […]

You May Like