स्वामित्व योजना : शनिवार को 2800 से अधिक रजिस्ट्री , जिले की अब तक 15785 रजिस्ट्रियां 

बुरहानपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रही है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र के भू.खण्डधारियों को स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे नागरिकों को अपनी संपत्ति के कानूनी दस्तावेज प्राप्त होने के साथ ही बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में भी सुविधा मिलेगी।

इसी क्रम में कलेक्टर श्री विवेक कुमार के निर्देशानुसार जिले में स्वामित्व पंजीयन कार्य को गति देने के लिए विशेष अभियान संचालित है। अभियान के तहत 31 अक्टूबर को जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिकारी प्रात: 7: 30 बजे कलेक्ट्रेट में आयोजित ब्रीफिंग के पश्चात आवंटित पटवारी हल्कों में पहुंचे और राजस्व अमले के साथ पंजीयन कार्य की प्रगति का जायजा लिया। कार्य में पटवारियों को सहयोग देने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई।

कलेक्टर भी उतरे फील्ड पर:-कलेक्टर श्री विवेक कुमार स्वयं भी मैदानी भ्रमण पर निकले। उन्होंने ग्राम बिरोदा एवं बहादरपुर पहुंचकर स्वामित्व योजना के तहत चल रहे पंजीयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं राजस्व अमले से कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा पंजीयन प्रक्रिया में तेजी लाते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्राम बहादरपुर में कलेक्टर श्री कुमार ने अपने समक्ष हितग्राहियों की स्वामित्व पंजीयन प्रक्रिया संपन्न कराई।

उन्होंने योजना के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व अभिलेख ग्रामीण परिवारों के लिए उनकी संपत्ति का महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है। इससे संपत्ति पर अधिकार सुनिश्चित होने के साथ ही आवश्यकता पडऩे पर बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋ ण प्राप्त करने का रास्ता भी सुगम होगा।

विदित है कि आज 2800 से अधिक रजिस्ट्री हुई है। जिले की अब तक की प्रगति 15785 रजिस्ट्रियां हो चुकी है।

संपत्ति का अधिकार, आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव:-स्वामित्व योजना संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल है। संपत्ति का वैधानिक अभिलेख होने से ग्रामीण नागरिकों को अपने अधिकारों की स्पष्ट पहचान मिलेगी और वे अपनी संपत्ति का उपयोग आर्थिक गतिविधियों के लिए भी कर सकेंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि शासन की इस जनहितकारी योजना का लाभ पात्र ग्रामीण परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे और प्रत्येक पात्र हितग्राही को उसके आवासीय भूखंड का वैधानिक अधिकार प्राप्त हो।

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