
विशेष संवाददाता भोपाल। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत मध्यप्रदेश पुलिस ने अक्टूबर में प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर नागरिकों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक किया। अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ साइबर अपराधों की रोकथाम में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
अभियान के तहत संभाग, जोन, जिला, तहसील, थाना और ग्राम स्तर तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों, सरकारी कार्यालयों और धार्मिक स्थलों पर नागरिकों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया। नागरिकों से अपील की गई कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए इन आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं।
विद्यार्थियों और युवाओं के लिए कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, व्याख्यान, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सोशल मीडिया, रेडियो, एफएम चैनलों, दूरदर्शन और स्थानीय टीवी नेटवर्क के माध्यम से भी सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए।
नवरात्रि जैसे सार्वजनिक आयोजनों में उद्घोषणा, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। इसके अलावा साइबर जागरूकता दौड़, रैलियां और मैराथन आयोजित की गईं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और साइबर चौपालों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गांवों में कोटवारों द्वारा मुनादी कर साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज कराने के तरीकों की जानकारी भी दी गई।
