नई दिल्ली / दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में नौकरी करने, परिवार के साथ रहने या पर्यटन के उद्देश्य से जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय राजनयिक मिशनों की ओर से एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की गई है। अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यूएई यात्रा पर निकलने से पहले सभी यात्रियों और कामगारों को पर्याप्त मेडिकल इंश्योरेंस जरूर करा लेना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक, बीमा पॉलिसी में अचानक गंभीर बीमारी, अस्पताल में इलाज के खर्च के साथ-साथ आपात स्थिति में मरीज को भारत वापस लाने (मेडिकल रिपैट्रिएशन) का खर्च भी शामिल होना बेहद जरूरी है।
अस्पताल के भारी-भरकम बिलों से बचने के लिए कैशलेस और व्यापक कवरेज की सलाह, नौकरीपेशा भारतीयों को भी पॉलिसी की शर्तें जांचने के निर्देश
भारतीय अधिकारियों ने संज्ञान लिया है कि यूएई में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां उचित स्वास्थ्य बीमा न होने के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों या दुर्घटनाओं के समय लाखों रुपये के भारी-भरकम मेडिकल बिल चुकाने पड़े हैं, जिससे उनके परिवारों पर अचानक बहुत बड़ा आर्थिक संकट आ गया। यह चेतावनी केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार वीजा पर यूएई में काम करने वाले भारतीयों और वहां रहने वाले उनके आश्रितों पर भी लागू होती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल बीमा होने मात्र से संतुष्ट न हों, बल्कि अपनी पॉलिसी की कवरेज सीमा और शर्तों की अच्छी तरह से जांच कर लें।
जुलाई में हुई भारत-यूएई काउंसलर बैठक में नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण पर बनी थी सहमति, वीजा व श्रमिकों के मुद्दों पर भी हुई थी चर्चा
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल ही में जुलाई माह में नई दिल्ली में सातवीं काउंसलर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों देशों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और सुगम आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई थी। इस बैठक में वीजा नियमों, श्रमिकों के हितों, कानूनी सहायता और यात्रा से जुड़ी तमाम प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय यात्रियों को सलाह दी है कि वे टिकट बुक करने से पहले ही अपने स्वास्थ्य बीमा की सभी शर्तों को भली-भांति परख लें ताकि किसी भी अनपेक्षित चिकित्सीय आपातकाल से सुरक्षित रहा जा सके।

