रियो डी जेनेरो, ब्राजील के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने हालिया राष्ट्रपति चुनाव में पराजित दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो के अचानक देश छोड़ने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। ब्रासीलिया स्थित राष्ट्रपति निवास के बाहर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए लूला ने बोल्सोनारो के इस कदम को ब्राजील और लोकतंत्र के लिए ‘शर्मनाक’ करार दिया। खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव के रनऑफ में लूला से मिली करारी शिकस्त के बाद बोल्सोनारो अमेरिका शरण लेने के लिए देश छोड़कर रवाना हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बोल्सोनारो के देश छोड़ने पर लगाई थी रोक, पासपोर्ट सरेंडर करने का भी दिया था निर्देश
फ्लेवियो बोल्सोनारो का यह कदम कानूनी पचड़ों के बीच सामने आया है। ब्राजील के सुप्रीम फेडरल कोर्ट ने कथित मनी-लॉन्ड्रिंग और गैर-कानूनी विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़ी एक गुप्त जांच के सिलसिले में बोल्सोनारो के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाते हुए उनका पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था। हालांकि, देश के इमिग्रेशन कंट्रोल सिस्टम में उनके औपचारिक तौर पर सीमा पार करने का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है, जिसके बाद फेडरल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि वे कानूनी प्रक्रिया को चकमा देकर बाहर कैसे निकले।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा वीजा जारी किए जाने की खबरें आईं सामने, 51.79 प्रतिशत वोटों से चुनाव जीतकर लूला ने दर्ज की थी जीत
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय हारे हुए उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करने की तैयारी में है ताकि उन्हें अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जा सके। गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे फ्लेवियो को हालिया राष्ट्रपति चुनाव के बेहद कड़े मुकाबले में लूला डा सिल्वा से हार का सामना करना पड़ा था, जहां लूला ने 51.79 प्रतिशत वैध वोट हासिल कर चौथी बार ब्राजील की सत्ता पर कब्जा जमाया।

