सौसर : स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों में श्रमिकों के शोषण और नियमों की अनदेखी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। औद्योगिक क्षेत्र स्थित सोना बिस्कुट कंपनी में दोपहर 3 बजे से रात्रि 11 बजे तक की शिफ्ट में काम करने वाली महिला श्रमिकों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया था। कार्य समाप्त होने के बाद प्रबंधन द्वारा उन्हें घर वापसी के लिए आवागमन का कोई साधन उपलब्ध नहीं कराया जाता था, जिसके चलते महिलाएं देर रात खुद के जोखिम पर असुरक्षित हालात में घर लौटने को मजबूर थीं।
मामले की जानकारी श्रम विभाग तक पहुंचते ही विभाग ने त्वरित संज्ञान लिया। श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू ने तत्काल संस्थान परिसर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और प्रबंधन के साथ बैठक की। निरीक्षण के दौरान श्रम निरीक्षक ने प्रबंधन को श्रम कानूनों व महिला सुरक्षा से जुड़े अनिवार्य वैधानिक प्रावधानों से सख्त लहजे में अवगत कराया।
अधिकारी के कड़े रुख के बाद प्रबंधन को अपनी व्यवस्था में तत्काल सुधार करना पड़ा। श्रम विभाग के हस्तक्षेप से संस्थान प्रबंधन द्वारा रात्रि पाली के उपरांत महिला श्रमिकों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए वाहन की सुविधा सुनिश्चित करा दी गई है।
औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद अन्य कारखानों में भी कामगारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बहरहाल, त्वरित पहल कर सुरक्षित परिवहन का प्रबंध कराने पर राहत महसूस कर रहीं महिला श्रमिकों ने जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ एवं श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू के प्रति आभार व्यक्त किया है।
