
भोपाल, 27 अक्टूबर (वार्ता) महंगाई भत्ते के लंबित भुगतान, एरियर और शिक्षक संवर्ग की पदोन्नतियों सहित विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा 4 नवंबर को भोपाल में प्रदर्शन करेगा। सतपुड़ा भवन के सामने होने वाले प्रदर्शन में अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर्स शामिल होकर लंबित मांगों के निराकरण की मांग करेंगे।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एमपी द्विवेदी और प्रदेश उपाध्यक्ष तथा शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि राज्य कर्मचारियों को लंबित दो प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान, पहले घोषित तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान और शिक्षक संवर्ग की लंबित पदोन्नतियां प्रमुख मांगें हैं।
पदाधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत और राज्य कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। राज्य कर्मचारियों को शेष दो प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं होने से असंतोष है। इसके अलावा कई जिलों में पहले घोषित तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते का एरियर भी लंबित है। भोपाल जिले के फंदा विकासखंड के शिक्षक भी एरियर भुगतान की समस्या से प्रभावित हैं।
उपेन्द्र कौशल ने कहा कि टीईटी परीक्षा के कारण शिक्षकों की पदोन्नतियां लंबित हैं। अनेक शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाने की आशंका है। उन्होंने बताया कि अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद भी शिक्षकों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
कौशल ने शासन और शिक्षा विभाग से शिक्षकों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार कर लंबित पदोन्नतियों सहित सभी मांगों का समयबद्ध निराकरण करने की अपील की। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान प्राथमिकता से करने की मांग करते हुए सभी से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
