
सिंगोली, जावद विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए जीवन दायिनी बनने जा रही बाणदा बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर इन दिनों जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा के सतत प्रयासों, कड़े प्रशासनिक समन्वय और लगातार की जा रही मैदानी मॉनिटरिंग के चलते परियोजना ने भारी रफ्तार पकड़ ली है।
रोजड़ी नदी पर प्रस्तावित इस बांध के निर्माण स्थल पर भारी-भरकम मशीनें धड़ाधड़ काम में जुटी हुई हैं और दिन-रात निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। लगभग 52.83 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र की करीब 1780 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इस बांध की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आधुनिक लिफ्ट इरिगेशन (उद्वहन सिंचाई) प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पाइपलाइन के माध्यम से ऊंचाई वाले और अंतिम छोर के खेतों तक भी आसानी से पानी पहुंचाया जा सकेगा।
पहले तैयार की बुनियादी सुविधाएं, फिर शुरू किया विस्थापन
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता के चलते मुख्य रूप से डूब क्षेत्र में आने वाले बाणदा गांव के नागरिकों के लिए पहले से ही सर्वसुविधायुक्त हाईटेक पुनर्वास स्थल तैयार कर लिया गया है।
ग्रामीणों को नए स्थान पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वहां शासकीय विद्यालय, आधुनिक सरकारी अस्पताल, सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन और नया ग्राम पंचायत भवन , आंगनवाड़ी भवन सहित सभी व्यवस्था पूरी तरह बनाकर तैयार कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे पुनर्वास क्षेत्र में पक्की सडक़ों का जाल बिछाया गया है।
बारी-बारी से मिल रहा मुआवजा, सजने लगे नए आशियाने
बाणदा गांव के विस्थापित परिवारों को नए प्लॉट का आवंटन और मुआवजे की राशि का भुगतान पारदर्शिता के साथ बारी-बारी से सीधे खातों में किया जा रहा है। सरकारी प्रक्रिया सुचारू होने से विस्थापित परिवारों में भी उत्साह है।
कई जागरूक ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा आवंटित प्लॉटों पर अपने पक्के मकानों का निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू कर दिया है। इस बांध के बनने से सिंगोली और आसपास के पथरीले इलाकों में जलस्तर (ङ्खड्डह्लद्गह्म् रुद्ग1द्गद्य) में बड़ा सुधार होगा, जिससे क्षेत्र के हजारों किसान परिवारों को सीधे तौर पर आर्थिक समृद्धि मिलेगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का पक्ष
‘बाणदा बांध परियोजना सिंगोली क्षेत्र के किसान परिवारों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
हमारा मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक भी लिफ्ट इरिगेशन तकनीक के माध्यम से सिंचाई का पानी पहुंचाना है।
ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। इसके साथ ही, डूब क्षेत्र में आने वाले बाणदा गांव के परिवारों का सम्मानजनक विस्थापन हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि ग्रामीणों को नए स्थान पर शिफ्ट करने से पहले स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन और पक्की सडक़ों जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं धरातल पर पूरी तरह तैयार मिलें। क्षेत्र का विकास और नागरिकों की सहूलियत ही हमारा संकल्प है। ‘—
ओमप्रकाश सखलेचा, विधायक, जावद विधानसभा ‘
बाणदा बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले मुख्य गांव बाणदा के विस्थापितों का पुनर्वास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन के नियमानुसार पूरी पारदर्शिता के साथ सभी विस्थापित परिवारों को मुआवजा राशि का भुगतान और प्लॉट आवंटन का कार्य बारी-बारी से किया जा रहा है।
ग्रामीणों की सहूलियत के लिए नए पुनर्वास स्थल पर सरकारी स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन आंगनवाड़ी भवन, प्ले ग्राउंड , बगीचा और गांव के चारो तरफ पक्की सडक़ों जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले ही तैयार कर ली गई हैं ताकि शिफ्टिंग के दौरान उन्हें कोई असुविधा न हो।
निर्माण कार्य और विस्थापन प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
— हिंमाशू भाबोर,
मुख्य कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग नीमच
